फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Rajouri News ›   Salary dispute unresolved; preparations underway for a strike over service rules as well.

Rajouri News: वेतन का विवाद थमा नहीं, सेवा नियमों पर भी हड़ताल की तैयारी

विज्ञापन
Salary dispute unresolved; preparations underway for a strike over service rules as well.
- स्वास्थ्य विभाग के सामने नई चुनौती, पांच नए मेडिकल कॉलेजों के कर्मचारी आंदोलन की राह पर
विज्ञापन


- सेवा नियम न होने से 3,000 से ज्यादा कर्मचारियों की पदोन्नति वर्षों से अटकी, आज से हड़ताल





अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। स्वास्थ्य विभाग में कर्मियों की ढाई दिन की सैलरी का विवाद अभी सुलझा भी नहीं है कि पांच नए मेडिकल कॉलेजों के कर्मचारियों का सेवा नियम न होने का मामला हड़ताल तक पहुंच गया है। इन कॉलेजों के 3,000 से ज्यादा गैर-राजपत्रित कर्मचारियों ने सेवा भर्ती नियम तय नहीं होने के विरोध में आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला किया है।





दरअसल ढाई दिन की सैलरी का विवाद 20 जनवरी, 2026 के आदेश के बाद शुरू हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि रविवार और सरकारी छुट्टी के दिन रोस्टर के तहत ड्यूटी करने के बदले मिलने वाली अतिरिक्त सैलरी रोक दी गई। मामले के समाधान के लिए सरकार ने समिति बनाई थी।
विज्ञापन

समिति को रविवार और छुट्टियों में रोस्टर के तहत ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों और उन्हें दिए जाने वाले ढाई दिन के भुगतान से जुड़े मामलों की जांच करनी थी। जांच के बावजूद कर्मचारी अंतिम फैसले और भुगतान बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

इसी बीच सेवा नियमों का मामला आंदोलन तक पहुंचा

कठुआ, बारामुला, अनंतनाग, डोडा और राजोरी मेडिकल कॉलेजों में 3,000 से ज्यादा गैर-राजपत्रित कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि सेवा नियम नहीं होने का सबसे बड़ा असर पदोन्नति पर पड़ा है। वर्षों की सेवा के बाद भी वे उसी पद पर काम कर रहे हैं और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इनमें नर्सिंग, पैरामेडिकल, तकनीकी, कार्यालय और अन्य गैर-राजपत्रित पदों पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। सेवा भर्ती नियमों का मसौदा 2025 में जारी कर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। इसके बाद भी नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया गया।


---

वर्षों के मांग उठा रहे रहे हैं लेकिन कोई समाधान होता न देख अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला किया है। इस दौरान मरीजों की जरूरी और आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखा जाएगा लेकिन नियमित कामकाज प्रभावित हो सकता है।

- जसविंदर सिंह, अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर मेडिकल एम्पलाइज फेडरेशन
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed