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अनंतनाग आतंकी हमला : पूरे कश्मीर को खंगाल रहीं सुरक्षा एजेंसियां, ओजीडब्ल्यू नेटवर्क निशाने पर; मिले अहम सुराग
Fri, 24 Jul 2026 04:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 24 Jul 2026 04:13 AM IST
सार
जांच में घटना स्थल और सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले हैं। हमलावर की जल्द ही पहचान होने की उम्मीद है।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आतंक पर करारा वार। न नेटवर्क बचे और न इनके मददगार। इस बार सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ ऐसी ही रणनीति तैयार की है। साफ कर दिया है कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी का बलिदान जाया नहीं जाएगा। उनके खून के हर कतरे का हिसाब लिया जाएगा। निशाने पर स्थानीय स्तर पर आतंकियों की मदद करने वाले (ओजीडब्ल्यू) हैं। वहीं, जांच में घटना स्थल और सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले हैं। हमलावर की जल्द ही पहचान होने की उम्मीद है।
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अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबल आशिक की शहादत के बाद पूरी कश्मीर घाटी में हाई अलर्ट घोषित करते हुए सुरक्षाबलों ने व्यापक तलाशी और जांच अभियान शुरू कर दिया है। अनंतनाग शहर और उसके आसपास के इलाकों के साथ-साथ उत्तरी व मध्य कश्मीर के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात कर मोबाइल व्हीकल चेक पॉइंट्स (एमवीसीपी) स्थापित किए गए हैं।
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अनंतनाग में हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने संवेदनशील जंगलातमंडी, खाह बाजार, अछाबल अड्डा, दांतर, बांगीदार, मेहमान मोहल्ला, चीनी चौक, मलकनाग, रेशी बाजार, शीरपोरा और गंजीवारा को पूरी तरह से घेरकर तलाशी अभियान चलाया है। सुरक्षा एजेंसियों ने कोकरनाग से सिंथन पास की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी विशेष अलर्ट जारी किया है। पूरी कोशिश संदिग्धों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने की है।
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पुलिस के एक उच्च अधिकारी के अनुसार, हमलावर और उसके सहयोगियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल की जांच की गई है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया है। फुटेज और जांच से कुछ बेहद अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर जल्द ही हमलावर की पहचान कर उसे बेअसर किए जाने की पूरी संभावना है।
ओजीडब्ल्यू नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए अब तक करीब चार हजार से अधिक संदिग्धों और ओजीडब्ल्यू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा चुका है। उत्तरी कश्मीर के सोपोर, बारामुला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा में भी जगह-जगह नाके लगाकर जांच की जा रही है।
पहलगाम हमले के बाद भी ओजीडब्ल्यू पर हुआ था करारा प्रहार
पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने घाटी में व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। ओजीडब्ल्यू के नेटवर्क को नष्ट करने के लिए भी सुरक्षाबलों ने पूरे प्रयास जारी रखे। करीब 5000 से अधिक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से करीब 200 के खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत कार्रवाई की गई। वहीं सितंबर 2025 में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन महादेव के तहत कुलगाम के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ कटारी (26) को गिरफ्तार किया। वह एक शिक्षक था और उसने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को रहने और भोजन की व्यवस्था कराई थी।