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Srinagar News: बर्फ हटाने का कार्य अंतिम चरण में, अप्रैल अंत तक लेह-मनाली हाईवे खुलने की उम्मीद
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सीमा सड़क संगठन के मजदूर बर्फ हटाते हुएस्रोत – संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लेह-मनाली हाईवे पर तंगलंग ला टॉप पर 17,482 फीट की ऊंचाई और शून्य से नीचे तापमान के बीच बर्फ हटाने का काम महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने लेह की ओर से इस दर्रे तक सड़क से बर्फ हटा दी है। इस हाईवे के अप्रैल अंत तक खुलने की उम्मीद है।
लगभग -8 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच यह उच्च हिमालयी दर्रा हाईवे के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक बना हुआ है। यह मार्ग लद्दाख को हिमाचल प्रदेश से जोड़ता है और तंगलंग ला से होकर गुजरता है। यहां आमतौर पर भारी बर्फबारी होती है। बीआरओ अधिकारियों के अनुसार लगातार खराब मौसम के कारण प्रारंभिक देरी के बाद 16 मार्च से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया। फिलहाल टीमें पांग तक पहुंच चुकी हैं। अभी लगभग 140 किलोमीटर सड़क को साफ किया जाना बाकी है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि मौसम सामान्य बना रहता है तो अप्रैल के अंत तक लेह-मनाली हाईवे पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। दोनों ओर से सड़क खुलने के बाद यह मार्ग आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी बहाल करेगा। शीर्ष क्षेत्रों में औसतन 10 से 15 फीट अधिक बर्फ जमा है। तेज हवा ने भी चुनौती को बढ़ा दिया है जो साफ की गई सड़कों को दोबारा बर्फ से ढक देती है और काम को बार-बार दोहराना पड़ता है।
इन कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए बीआरओ ने भारी मशीनरी तैनात की है। इसमें स्नो कटर, एक्सकेवेटर, डोजर और स्नो प्लॉ के साथ विशेष टिप्पर शामिल हैं। प्रोजेक्ट हिमांक के कुशल इंजीनियर और ऑपरेटर इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। कठोर मौसम में जहां सांस लेना और बोलना भी मुश्किल हो जाता है के बावजूद मजदूर लगातार दिन-रात काम कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट हिमांक से जुड़े स्थानीय मजदूरों ने बताया कि इस वर्ष अत्यधिक बर्फबारी और अनिश्चित मौसम के कारण काम अधिक कठिन हो गया है। उन्होंने बीआरओ की ओर से प्रदान किए जा रहे सहयोग की सराहना की जिसमें गर्म कपड़े, जूते, वर्दी और बेहतर व समय पर भुगतान शामिल है। बीआरओ अधिकारियों ने यात्रा के लिए केवल 4x4 वाहनों के उपयोग की सिफारिश की है। साथ ही टायर चेन जैसे आवश्यक उपकरण साथ रखने को कहा है।
लेह-मनाली हाईवे फंसने की स्थिति में यात्रियों को नजदीकी बीआरओ डिटैचमेंट (डेट) तक पहुंचने की सलाह दी गई है। लेह की ओर से उप्शी, रुम्तसे, दिब्रिंग, पांग और सरचू जैसे पांच प्रमुख डिटैचमेंट मार्ग पर कर्मी तैनात हैं जो आपात स्थिति में सहायता प्रदान करते हैं। फिलहाल हाईवे पर एंबुलेंस पेट्रोलिंग उपलब्ध नहीं है लेकिन बीआरओ डिटैचमेंट्स में प्राथमिक चिकित्सा और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। निगरानी व्यवस्था भी लागू है। यदि कोई यात्री एक चेक पोस्ट पर एंट्री करता है लेकिन अगले चेक पोस्ट पर एग्जिट दर्ज नहीं करता तो बचाव दल तुरंत उसकी तलाश में भेजा जाता है। संवाद
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लेह। लेह-मनाली हाईवे पर तंगलंग ला टॉप पर 17,482 फीट की ऊंचाई और शून्य से नीचे तापमान के बीच बर्फ हटाने का काम महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने लेह की ओर से इस दर्रे तक सड़क से बर्फ हटा दी है। इस हाईवे के अप्रैल अंत तक खुलने की उम्मीद है।
लगभग -8 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच यह उच्च हिमालयी दर्रा हाईवे के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक बना हुआ है। यह मार्ग लद्दाख को हिमाचल प्रदेश से जोड़ता है और तंगलंग ला से होकर गुजरता है। यहां आमतौर पर भारी बर्फबारी होती है। बीआरओ अधिकारियों के अनुसार लगातार खराब मौसम के कारण प्रारंभिक देरी के बाद 16 मार्च से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया। फिलहाल टीमें पांग तक पहुंच चुकी हैं। अभी लगभग 140 किलोमीटर सड़क को साफ किया जाना बाकी है।
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अधिकारियों ने बताया कि यदि मौसम सामान्य बना रहता है तो अप्रैल के अंत तक लेह-मनाली हाईवे पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। दोनों ओर से सड़क खुलने के बाद यह मार्ग आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी बहाल करेगा। शीर्ष क्षेत्रों में औसतन 10 से 15 फीट अधिक बर्फ जमा है। तेज हवा ने भी चुनौती को बढ़ा दिया है जो साफ की गई सड़कों को दोबारा बर्फ से ढक देती है और काम को बार-बार दोहराना पड़ता है।
इन कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए बीआरओ ने भारी मशीनरी तैनात की है। इसमें स्नो कटर, एक्सकेवेटर, डोजर और स्नो प्लॉ के साथ विशेष टिप्पर शामिल हैं। प्रोजेक्ट हिमांक के कुशल इंजीनियर और ऑपरेटर इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। कठोर मौसम में जहां सांस लेना और बोलना भी मुश्किल हो जाता है के बावजूद मजदूर लगातार दिन-रात काम कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट हिमांक से जुड़े स्थानीय मजदूरों ने बताया कि इस वर्ष अत्यधिक बर्फबारी और अनिश्चित मौसम के कारण काम अधिक कठिन हो गया है। उन्होंने बीआरओ की ओर से प्रदान किए जा रहे सहयोग की सराहना की जिसमें गर्म कपड़े, जूते, वर्दी और बेहतर व समय पर भुगतान शामिल है। बीआरओ अधिकारियों ने यात्रा के लिए केवल 4x4 वाहनों के उपयोग की सिफारिश की है। साथ ही टायर चेन जैसे आवश्यक उपकरण साथ रखने को कहा है।
लेह-मनाली हाईवे फंसने की स्थिति में यात्रियों को नजदीकी बीआरओ डिटैचमेंट (डेट) तक पहुंचने की सलाह दी गई है। लेह की ओर से उप्शी, रुम्तसे, दिब्रिंग, पांग और सरचू जैसे पांच प्रमुख डिटैचमेंट मार्ग पर कर्मी तैनात हैं जो आपात स्थिति में सहायता प्रदान करते हैं। फिलहाल हाईवे पर एंबुलेंस पेट्रोलिंग उपलब्ध नहीं है लेकिन बीआरओ डिटैचमेंट्स में प्राथमिक चिकित्सा और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। निगरानी व्यवस्था भी लागू है। यदि कोई यात्री एक चेक पोस्ट पर एंट्री करता है लेकिन अगले चेक पोस्ट पर एग्जिट दर्ज नहीं करता तो बचाव दल तुरंत उसकी तलाश में भेजा जाता है। संवाद