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Srinagar News: कथित मुठभेड़ में मारे गए राशिद के गांव के 35 लोगों ने दर्ज कराए बयान
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गांदरबल उपायुक्त के कार्यालय बयान दर्ज कराने जाते राशिद के परिवार के सदस्य और गांव वाले। वीडियो
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-एलजी की ओर से जांच के आदेश के बाद से परिवार और गांव वालों में जाएगी इंसाफ की आस
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। गांदरबल जिले में ऑपरेशन अरहामा में कथित मुठभेड़ में मारे गए राशिद अहमद मुगल के पारिवारिक सदस्यों सहित 35 गांव वालों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से आदेशित जांच के तहत सोमवार को अपने बयान दर्ज कराए।
यह जांच उन आरोपों के बाद शुरू की गई थी जिनमें इस मुठभेड़ पर फर्जी होने का संदेह जताया गया। बता दें कि इस जांच की अध्यक्षता गांदरबल जिले के रेवेन्यू विभाग के सहायक कमिश्नर (एसीआर) सलाहुद्दीन कर रहे हैं जिन्होंने जांच रिपोर्ट गृह विभाग को वीरवार को सौंपनी है। इस मामले में उपराज्यपाल ने मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
राशिद के भाई एजाज अहमद मुगल ने अमर उजाला के साथ फोन पर बात करते हुए बताया कि आज हम गांदरबल जिला उपायुक्त के कार्यालय में अपने बयान दर्ज करवाने के लिए गए थे। सुबह से हमारे परिवार के सदस्य और कई गांव वालों ने अपने बयान दर्ज करवाए जिसके बाद हम शाम करीब पांच बजे लौटे। मेरे समेत करीब 35 लोगों के बयान दर्ज किए गए। दो-ढाई हजार लोग एक साथ तो जा नहीं सकते हैं। हमने एसीआर के सामने अपने बयान दर्ज करवाए।
परिवार ने मांग की कि राशिद का शव उचित अंतिम संस्कार के लिए लौटाया जाए। हम यह भी चाहते हैं कि उसके हत्यारों की पहचान की जाए और उस पर लगा आतंकवादी होने का ठप्पा जो पूरी तरह से झूठ है हटा दिया जाए। एजाज ने एक बार फिर दोहराया कि एलजी मनोज सिन्हा ने सात दिन के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं यह एक बहुत अच्छा कदम है। हम उनके बेहद शुक्रगुजार हैं। हमें उम्मीद है कि जो जांच के बाद फैसला आएगा वो अच्छा ही होगा। हमें एलजी द्वारा दिए गए जांच के आदेश के बाद तसल्ली सी हुई है।
बाकी लोग कल जाएंगे, अगले दिन और लोग जाएंगे
एक अन्य गांव वाले इमरान ने बताया कि हमारे गांव में जिला प्रशासन की तरफ से नोटिस लगाए गए थे जिनमें बयान दर्ज करवाने के लिए कहा गया था। हम अपने बयान दर्ज करवाने के लिए गए थे। महिलाओं समेत सैकड़ों लोग अपने बयान दर्ज करवाने के लिए तैयार हैं। बाकी लोग कल जाएंगे और फिर अगले दिन और लोग जाएंगे।
ऑपरेशन अरहामा में मारा गिराया था
गौरतलब है कि गांदरबल जिले के चूंटवलीवार गांव के चक मोहल्ला के रहने वाले लोग 29 साल के राशिद अहमद मुगल को ऑपरेशन अरहामा में मार गिराने के बाद उसके परिवार वालों सहित गांव वालों ने कथित मुठभेड़ को लेकर एलजी मनोज सिन्हा की ओर से दिए गए जांच आदेश को लेकर संतुष्टि जताई है।
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अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। गांदरबल जिले में ऑपरेशन अरहामा में कथित मुठभेड़ में मारे गए राशिद अहमद मुगल के पारिवारिक सदस्यों सहित 35 गांव वालों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से आदेशित जांच के तहत सोमवार को अपने बयान दर्ज कराए।
यह जांच उन आरोपों के बाद शुरू की गई थी जिनमें इस मुठभेड़ पर फर्जी होने का संदेह जताया गया। बता दें कि इस जांच की अध्यक्षता गांदरबल जिले के रेवेन्यू विभाग के सहायक कमिश्नर (एसीआर) सलाहुद्दीन कर रहे हैं जिन्होंने जांच रिपोर्ट गृह विभाग को वीरवार को सौंपनी है। इस मामले में उपराज्यपाल ने मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
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राशिद के भाई एजाज अहमद मुगल ने अमर उजाला के साथ फोन पर बात करते हुए बताया कि आज हम गांदरबल जिला उपायुक्त के कार्यालय में अपने बयान दर्ज करवाने के लिए गए थे। सुबह से हमारे परिवार के सदस्य और कई गांव वालों ने अपने बयान दर्ज करवाए जिसके बाद हम शाम करीब पांच बजे लौटे। मेरे समेत करीब 35 लोगों के बयान दर्ज किए गए। दो-ढाई हजार लोग एक साथ तो जा नहीं सकते हैं। हमने एसीआर के सामने अपने बयान दर्ज करवाए।
परिवार ने मांग की कि राशिद का शव उचित अंतिम संस्कार के लिए लौटाया जाए। हम यह भी चाहते हैं कि उसके हत्यारों की पहचान की जाए और उस पर लगा आतंकवादी होने का ठप्पा जो पूरी तरह से झूठ है हटा दिया जाए। एजाज ने एक बार फिर दोहराया कि एलजी मनोज सिन्हा ने सात दिन के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं यह एक बहुत अच्छा कदम है। हम उनके बेहद शुक्रगुजार हैं। हमें उम्मीद है कि जो जांच के बाद फैसला आएगा वो अच्छा ही होगा। हमें एलजी द्वारा दिए गए जांच के आदेश के बाद तसल्ली सी हुई है।
बाकी लोग कल जाएंगे, अगले दिन और लोग जाएंगे
एक अन्य गांव वाले इमरान ने बताया कि हमारे गांव में जिला प्रशासन की तरफ से नोटिस लगाए गए थे जिनमें बयान दर्ज करवाने के लिए कहा गया था। हम अपने बयान दर्ज करवाने के लिए गए थे। महिलाओं समेत सैकड़ों लोग अपने बयान दर्ज करवाने के लिए तैयार हैं। बाकी लोग कल जाएंगे और फिर अगले दिन और लोग जाएंगे।
ऑपरेशन अरहामा में मारा गिराया था
गौरतलब है कि गांदरबल जिले के चूंटवलीवार गांव के चक मोहल्ला के रहने वाले लोग 29 साल के राशिद अहमद मुगल को ऑपरेशन अरहामा में मार गिराने के बाद उसके परिवार वालों सहित गांव वालों ने कथित मुठभेड़ को लेकर एलजी मनोज सिन्हा की ओर से दिए गए जांच आदेश को लेकर संतुष्टि जताई है।