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Srinagar News: जम्मू-कश्मीर में 1 जून से होगी जनगणना, एप से खुद भी भर सकते हैं जानकारी
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श्रीनगर के लाल चौक स्थित एक होटल में जनगणना के बारे में जानकारी देते ऑनलाइन जुड़े प्रधान जनगणन
- फोटो : rajori news
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- श्रीनगर में मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी दी जानकारी, दो चरणों में होगी जनगणना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने वीरवार को श्रीनगर में कार्यक्रम कर मीडिया को जम्मू-कश्मीर में होने वाली जनगणना की कार्ययोजना की जानकारी दी। जम्मू से ऑनलाइन जुड़े मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जनगणना 1 जून से होगी। लोग खुद भी एप के माध्यम से जानकारी भर सकते हैं और बाद में प्रगणक के घर आने पर उसे सबमिट कर सकते हैं।
श्रीनगर के लाल चौक स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जम्मू से ऑनलाइन जुड़े मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में की जाएगी। यह एक डिजिटल आधार पर होगी जिसमें सटीक और पारदर्शी डेटा सुनिश्चित करने के लिए स्व-गणना, मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह और जीआईएस मैपिंग का उपयोग किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मानव संसाधन की तैनाती शामिल होगी जिसमें हजारों पर्यवेक्षकों और गणनाकारों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में काम पर लगाया जाएगा। जनगणना दो चरणों में की जाएगी और इसमें एक मजबूत डिजिटल ढांचे का लाभ उठाया जाएगा। स्व-गणना की सुविधा व्यक्तियों को अपने विवरण ऑनलाइन जमा करने की अनुमति देगी जिससे फील्ड वर्क का बोझ कम होगा और वास्तविक समय में डेटा सत्यापन संभव हो सकेगा। मकानों की सूची बनाने और गणना के लिए मोबाइल एप्लिकेशन तैनात किए जाएंगे जबकि गणना ब्लॉकों की सटीक मैपिंग के लिए उपग्रह इमेजरी और जीआईएस उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।
दूसरा चरण दो हिस्सों में होगा
निदेशक ने बताया कि जनगणना अभियान का दूसरा चरण जनसंख्या की गिनती से जुड़ा होगा। जिन इलाकों में बर्फ नहीं पड़ती, वहां यह फरवरी 2027 में किया जाएगा जबकि बर्फ वाले इलाकों में तय समय-सीमा के अनुसार इसे पहले यानी सितंबर 2026 में पूरा किया जाएगा। हालांकि दूसरे चरण के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन की समय-सीमा अभी तय नहीं की गई है। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान पहले चरण पर है।
स्थानीय अधिकारी जुटाएंगे जानकारी
निदेशक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में डेटा संग्रह मोबाइल एप के माध्यम से तीन भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में जनगणना कार्यों में 27,788 प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे। प्रगणक और पर्यवेक्षक तय समय-सीमा के भीतर और काम-काज के सामान्य घंटों के दौरान हर घर का दौरा करेंगे। उनके पास पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज मौजूद होंगे। कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उन अधिकारियों के पहचान पत्रों की ठीक से जांच कर लेनी चाहिए। लोगों का भरोसा जीतने और उन्हें सहज महसूस कराने के लिए, शिक्षकों और राजस्व अधिकारियों जैसे स्थानीय स्तर पर पहचाने जाने वाले अधिकारियों को इस काम में लगाया जा रहा है।
मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा को कार्यक्रम के लिए श्रीनगर आना था। जिस उड़ान से वह आने वाले थे वह निरस्त हो गई। इसके बाद वह ऑनलाइन जुड़े।
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श्रीनगर। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने वीरवार को श्रीनगर में कार्यक्रम कर मीडिया को जम्मू-कश्मीर में होने वाली जनगणना की कार्ययोजना की जानकारी दी। जम्मू से ऑनलाइन जुड़े मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जनगणना 1 जून से होगी। लोग खुद भी एप के माध्यम से जानकारी भर सकते हैं और बाद में प्रगणक के घर आने पर उसे सबमिट कर सकते हैं।
श्रीनगर के लाल चौक स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जम्मू से ऑनलाइन जुड़े मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में की जाएगी। यह एक डिजिटल आधार पर होगी जिसमें सटीक और पारदर्शी डेटा सुनिश्चित करने के लिए स्व-गणना, मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह और जीआईएस मैपिंग का उपयोग किया जाएगा।
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इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मानव संसाधन की तैनाती शामिल होगी जिसमें हजारों पर्यवेक्षकों और गणनाकारों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में काम पर लगाया जाएगा। जनगणना दो चरणों में की जाएगी और इसमें एक मजबूत डिजिटल ढांचे का लाभ उठाया जाएगा। स्व-गणना की सुविधा व्यक्तियों को अपने विवरण ऑनलाइन जमा करने की अनुमति देगी जिससे फील्ड वर्क का बोझ कम होगा और वास्तविक समय में डेटा सत्यापन संभव हो सकेगा। मकानों की सूची बनाने और गणना के लिए मोबाइल एप्लिकेशन तैनात किए जाएंगे जबकि गणना ब्लॉकों की सटीक मैपिंग के लिए उपग्रह इमेजरी और जीआईएस उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।
दूसरा चरण दो हिस्सों में होगा
निदेशक ने बताया कि जनगणना अभियान का दूसरा चरण जनसंख्या की गिनती से जुड़ा होगा। जिन इलाकों में बर्फ नहीं पड़ती, वहां यह फरवरी 2027 में किया जाएगा जबकि बर्फ वाले इलाकों में तय समय-सीमा के अनुसार इसे पहले यानी सितंबर 2026 में पूरा किया जाएगा। हालांकि दूसरे चरण के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन की समय-सीमा अभी तय नहीं की गई है। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान पहले चरण पर है।
स्थानीय अधिकारी जुटाएंगे जानकारी
निदेशक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में डेटा संग्रह मोबाइल एप के माध्यम से तीन भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में जनगणना कार्यों में 27,788 प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे। प्रगणक और पर्यवेक्षक तय समय-सीमा के भीतर और काम-काज के सामान्य घंटों के दौरान हर घर का दौरा करेंगे। उनके पास पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज मौजूद होंगे। कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उन अधिकारियों के पहचान पत्रों की ठीक से जांच कर लेनी चाहिए। लोगों का भरोसा जीतने और उन्हें सहज महसूस कराने के लिए, शिक्षकों और राजस्व अधिकारियों जैसे स्थानीय स्तर पर पहचाने जाने वाले अधिकारियों को इस काम में लगाया जा रहा है।
मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा को कार्यक्रम के लिए श्रीनगर आना था। जिस उड़ान से वह आने वाले थे वह निरस्त हो गई। इसके बाद वह ऑनलाइन जुड़े।