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Terror Module: डॉक्टर्स टेरर मॉड्यूल के जरिये अंसार गजवत उल-हिंद को फिर खड़ा करने की थी साजिश, और भी खुलासे
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 17 Apr 2026 03:03 AM IST
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सार
पिछले साल अक्तूबर में नौगाम इलाके में लगाए गए भड़काऊ और धमकी भरे पोस्टर इसी गहरी साजिश का हिस्सा थे।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के जरिये देश में अंसार गजवत-उल-हिंद को फिर से खड़ा करने की गहरी साजिश रची गई थी। पिछले साल अक्तूबर में नौगाम इलाके में लगाए गए भड़काऊ और धमकी भरे पोस्टर इसी गहरी साजिश का हिस्सा थे। राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) की ओर से व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल मामले में बृहस्पतिवार को दस आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट से इसका खुलासा हुआ है।
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एजेंसी के प्रवक्ता के अनुसार, जिसे ‘डॉक्टर्स टेरर मॉड्यूल’ कहा जा रहा है वह एक गहरी आतंकी साजिश से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि नौगाम में पोस्टर अभियान कोई अलग-थलग घटना नहीं थी बल्कि इसके जरिये प्रतिबंधित संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद को फिर से सक्रिय करने की साजिश थी। आरोपियों ने जैश-ए-मोहम्मद के नाम का इस्तेमाल उसके डर और पहचान का फायदा उठाने के लिए किया।
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चार्जशीट के अनुसार, इस मॉड्यूल में डॉक्टरों समेत उच्च शिक्षित लोग शामिल हैं। इन सबने अपनी जानकारी, संसाधनों और संस्थानों का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया। ये लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये आतंकवाद का प्रचार करने, भर्ती करने और आतंकी हमलों की तैयारी में लगे थे। जांच में यह भी सामने आया कि समूह विस्फोटक बनाने के लिए सामग्री जुटा रहा था और प्रयोग कर रहा था।
विशेष रूप से ट्राईएसीटोन ट्राई परॉक्साइड जैसे अत्यधिक संवेदनशील विस्फोटक को जुटाया जा रहा था। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों से इकट्ठा की गई विस्फोटक सामग्री और उपकरणों की मात्रा ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया। अगर समय रहते इस साजिश का खुलासा नहीं होता तो इसके गंभीर और विनाशकारी परिणाम हो सकते थे।
एसआईए ने दावा किया है कि साक्ष्य आधारित जांच के जरिये पूरे आतंकी नेटवर्क और उसके समर्थन तंत्र को ध्वस्त कर दिया गया है। जांच में बरामदगी, डिजिटल फोरेंसिक, वैज्ञानिक विश्लेषण और गवाहों के बयानों के जरिये आरोपियों की संलिप्तता साबित की गई है।
10 आरोपियों में लाल किला धमाके में मारा गया डॉ. उमर भी शामिल
चार्जशीट में शामिल 10 आरोपियों में से एक डॉ. उमर उन नबी पिछले साल नवंबर में दिल्ली में लाल किला धमाके में मारा गया था। अन्य आरोपियों में आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर उल अशरफ भट, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, इरफान अहमद वागे उर्फ ओवैस, जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशी, डॉ. मुजम्मिल शकील गनई उर्फ मुसैब, डॉ. आदिल अहमद राथर उर्फ जावेद, डॉ. शाहीन सईद और तुफैल अहमद भट शामिल हैं।
