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Udhampur News: दूरदराज स्कूलों की बदहाली पर बरसे पठानिया, शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग
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उधमपुर। विधानसभा उधमपुर पूर्व के विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने जम्मू-कश्मीर में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की मांग की है। उन्होंने दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों व अन्य स्टाफ की कमी पर चिंता जताते हुए सरकार से व्यापक एवं पारदर्शी तबादला नीति लागू करने की मांग की।
पठानिया ने कहा कि उधमपुर जिले के डुडू, बसंतगढ़, पंचैरी, गढ़ सामनाबंज, चोर पंजियां और मोंगरी जैसे दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की कमी बनी हुई है। अपर्याप्त बुनियादी ढांचे और शिक्षण कर्मचारियों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विधानसभा के पटल पर उधमपुर जिले में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगभग दो वर्ष बीतने के बावजूद शिक्षक वर्ग को व्यापक तबादला नीति का इंतजार है। उन्होंने सरकार से स्कूलों की वास्तविक जरूरतों, विशेषकर कठिन एवं दूरदराज क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया।
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पठानिया ने रमसा के तहत अपग्रेड किए गए हाई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि कई अपग्रेडेड हाई स्कूलों में विषय शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण विषयों की उचित शिक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने ऐसे विद्यालयों में तत्काल विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
पठानिया ने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक स्कूल में शौचालय, खेल मैदान, चारदीवारी और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की शिक्षा व्यवस्था को जमीनी जरूरतों के आधार पर मजबूत करने की आवश्यकता है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में अधिक मॉडल स्कूल स्थापित किए जाने चाहिएं।
सरकारी मिडिल स्कूल मांड के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन
इस दौरान पठानिया ने सरकारी मिडिल स्कूल मांड के नवनिर्मित भवन को विद्यार्थियों को समर्पित किया। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित यह स्कूल भवन पहले जर्जर हालत में था। उन्होंने कहा कि नए भवन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। स्कूल में चारदीवारी, रसोईघर और अन्य शेष सुविधाओं को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि सरकारी हाई स्कूल जोनू और सरकारी हाई स्कूल चोर पंजियां को पीएम श्री स्कूल का दर्जा मिला है। उन्होंने मजालता स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज के आधुनिक बुनियादी ढांचे की भी सराहना की।
23वीं छड़ी यात्रा को दिखाई हरी झंडी
इसके बाद पठानिया ने बट्टल से मचैल के लिए 23वीं वार्षिक छड़ी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा का बट्टल, दरसू, रौन दोमेल तथा थिल काली माता मंदिर और चंडी माता मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।
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पठानिया ने कहा कि उधमपुर जिले के डुडू, बसंतगढ़, पंचैरी, गढ़ सामनाबंज, चोर पंजियां और मोंगरी जैसे दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की कमी बनी हुई है। अपर्याप्त बुनियादी ढांचे और शिक्षण कर्मचारियों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने विधानसभा के पटल पर उधमपुर जिले में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगभग दो वर्ष बीतने के बावजूद शिक्षक वर्ग को व्यापक तबादला नीति का इंतजार है। उन्होंने सरकार से स्कूलों की वास्तविक जरूरतों, विशेषकर कठिन एवं दूरदराज क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया।
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पठानिया ने रमसा के तहत अपग्रेड किए गए हाई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि कई अपग्रेडेड हाई स्कूलों में विषय शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण विषयों की उचित शिक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने ऐसे विद्यालयों में तत्काल विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
पठानिया ने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक स्कूल में शौचालय, खेल मैदान, चारदीवारी और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की शिक्षा व्यवस्था को जमीनी जरूरतों के आधार पर मजबूत करने की आवश्यकता है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में अधिक मॉडल स्कूल स्थापित किए जाने चाहिएं।
सरकारी मिडिल स्कूल मांड के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन
इस दौरान पठानिया ने सरकारी मिडिल स्कूल मांड के नवनिर्मित भवन को विद्यार्थियों को समर्पित किया। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित यह स्कूल भवन पहले जर्जर हालत में था। उन्होंने कहा कि नए भवन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। स्कूल में चारदीवारी, रसोईघर और अन्य शेष सुविधाओं को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि सरकारी हाई स्कूल जोनू और सरकारी हाई स्कूल चोर पंजियां को पीएम श्री स्कूल का दर्जा मिला है। उन्होंने मजालता स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज के आधुनिक बुनियादी ढांचे की भी सराहना की।
23वीं छड़ी यात्रा को दिखाई हरी झंडी
इसके बाद पठानिया ने बट्टल से मचैल के लिए 23वीं वार्षिक छड़ी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा का बट्टल, दरसू, रौन दोमेल तथा थिल काली माता मंदिर और चंडी माता मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।