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Udhampur News: भाड़े की व्यवस्था में सिसकती सांसें... पंचायत चलयाड़ में स्वास्थ्य सब सेंटर की सुविधा नहीं, टैक्सी से सीएचसी जाने को मजबूर लोग
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- दो हजार की आबादी को एक पेनकिलर के लिए भी 12 किलोमीटर की दूरी करनी पड़ रही तय
चिनैनी। सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाली दूरदराज की पंचायतों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव आज भी ग्रामीणों के लिए अभिशाप से कम नहीं है। पंचायत चलयाड़ में करीब 2000 से अधिक की आबादी बुनियादी चिकित्सा सेवाओं के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर है। ज्यादातर लोग भाड़े के वाहन के सहारे इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। आलम यह है कि सिरदर्द या सामान्य दर्द की दवा के लिए भी लंबा सफर तय कर शहर की ओर भागना पड़ता है।
चिनैनी मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित पंचायत चलयाड़ की भौगोलिक स्थिति काफी कठिन है। यह पंचायत सात मुख्य क्षेत्रों बयाली, तूतू, अप्पर तूतू, लोअर तूतू, आखला, जेलधार और जखां में बंटी हुई है। कई घर मुख्य सड़क के किनारे हैं तो काफी दुर्गम पहाड़ियों पर बसे हैं। यहां कोई स्वास्थ्य उप केंद्र न होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों की जान पर बन आती है। हालात इस कदर तक बदतर हो चुके हैं कि पेनकिलर के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। अगर किसी की सेहत ज्यादा बिगड़ जाए तो उसे चारपाई पर लेटाकर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर लेकर जाना पड़ता है, क्योंकि कई परिवार ऐसे भी हैं जो टैक्सी का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं।
तड़पता रहता है मरीज
पूर्व सरपंच गायत्री देवी, स्थानीय हेमराज और सोहन सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर गांव में कोई अचानक बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई या अन्य माध्यमों से उठाकर बश्ट या चिनैनी ले जाना पड़ता है। अस्पताल पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है और इस बीच मरीज दर्द से तड़पता रहता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि समय पर इलाज न मिलने से खतरा बढ़ जाता है।
बार-बार की मांग, पर नतीजा शून्य
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में सब सेंटर खोलने की मांग कई बार प्रशासन के सामने रख चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण निजी वाहनों पर पैसा खर्च कर दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने उपराज्यपाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील की है कि पंचायत चलयाड़ में तुरंत स्वास्थ्य उप केंद्र खोला जाए। गांव में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए ताकि गंभीर मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आवाज बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
सब सेंटर बनाने के लिए उच्च अधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द समस्या दूर हो जाएगी।
- डॉ. सैयद इशरत बुखारी, बीएमओ।
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चिनैनी। सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाली दूरदराज की पंचायतों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव आज भी ग्रामीणों के लिए अभिशाप से कम नहीं है। पंचायत चलयाड़ में करीब 2000 से अधिक की आबादी बुनियादी चिकित्सा सेवाओं के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर है। ज्यादातर लोग भाड़े के वाहन के सहारे इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। आलम यह है कि सिरदर्द या सामान्य दर्द की दवा के लिए भी लंबा सफर तय कर शहर की ओर भागना पड़ता है।
चिनैनी मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित पंचायत चलयाड़ की भौगोलिक स्थिति काफी कठिन है। यह पंचायत सात मुख्य क्षेत्रों बयाली, तूतू, अप्पर तूतू, लोअर तूतू, आखला, जेलधार और जखां में बंटी हुई है। कई घर मुख्य सड़क के किनारे हैं तो काफी दुर्गम पहाड़ियों पर बसे हैं। यहां कोई स्वास्थ्य उप केंद्र न होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों की जान पर बन आती है। हालात इस कदर तक बदतर हो चुके हैं कि पेनकिलर के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। अगर किसी की सेहत ज्यादा बिगड़ जाए तो उसे चारपाई पर लेटाकर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर लेकर जाना पड़ता है, क्योंकि कई परिवार ऐसे भी हैं जो टैक्सी का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं।
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तड़पता रहता है मरीज
पूर्व सरपंच गायत्री देवी, स्थानीय हेमराज और सोहन सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर गांव में कोई अचानक बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई या अन्य माध्यमों से उठाकर बश्ट या चिनैनी ले जाना पड़ता है। अस्पताल पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है और इस बीच मरीज दर्द से तड़पता रहता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि समय पर इलाज न मिलने से खतरा बढ़ जाता है।
बार-बार की मांग, पर नतीजा शून्य
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में सब सेंटर खोलने की मांग कई बार प्रशासन के सामने रख चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण निजी वाहनों पर पैसा खर्च कर दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने उपराज्यपाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील की है कि पंचायत चलयाड़ में तुरंत स्वास्थ्य उप केंद्र खोला जाए। गांव में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए ताकि गंभीर मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आवाज बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
सब सेंटर बनाने के लिए उच्च अधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द समस्या दूर हो जाएगी।
- डॉ. सैयद इशरत बुखारी, बीएमओ।