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मचैल यात्रा : 15 से 20 दिन में शुरू होंगे सड़क और पुल के कार्य
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किश्तवाड़। मचैल यात्रा की तैयारियों व प्रबंधों को लेकर उपायुक्त ने रविवार को बैठक की। डीसी पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि संबंधित विभागों के ट्रांसफर ऑर्डर जारी हो चुके हैं और अगले 15 से 20 दिन के भीतर हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद सड़क और पुल निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजनाओं को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इन्हें धरातल पर उतारा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों और हाल की घटनाओं को देखते हुए यात्रा को सुरक्षित बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं तो यात्रा को नियंत्रित या सीमित किया जा सकता है। यह भी सिफारिश की गई है कि यात्रा को निर्धारित परिसर से ही संचालित किया जाए ताकि भीड़ और जोखिम को नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय लोगों ने सड़क की खराब स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या व सफाई व्यवस्था को लेकर चिंताएं रखीं। लोगों ने बताया कि मार्ग पर पत्थर गिरने के कारण यात्रा बेहद कठिन हो गई थी। हालांकि रास्ते को आंशिक रूप से खोलने से कुछ राहत मिली है।
ट्रैक निर्माण और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान
उपायुक्त ने बताया कि यात्रा मार्ग को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने सफाई को लेकर विशेष निर्देश देते हुए कहा कि इस बार स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे क्योंकि यात्रियों द्वारा फेंका गया कचरा पूरे क्षेत्र में गंदगी फैलाता है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा रेडियो फ्रीक्वेंसी आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक यात्री को एक कार्ड दिया जाएगा जिससे उसकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इस व्यवस्था से किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों तक तुरंत सहायता पहुंचाना संभव होगा।
यात्रियों की संख्या भी होगी नियंत्रित
उपायुक्त ने कहा कि यात्रा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन यात्रियों की संख्या निर्धारित की जाएगी। यदि निर्धारित क्षमता से अधिक लोग आते हैं तो प्रवेश को उसी अनुसार सीमित किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि यात्रा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जरूरतों जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, दवाइयों की उपलब्धता, बिजली और मोबाइल नेटवर्क को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों और हाल की घटनाओं को देखते हुए यात्रा को सुरक्षित बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं तो यात्रा को नियंत्रित या सीमित किया जा सकता है। यह भी सिफारिश की गई है कि यात्रा को निर्धारित परिसर से ही संचालित किया जाए ताकि भीड़ और जोखिम को नियंत्रित किया जा सके।
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स्थानीय लोगों ने सड़क की खराब स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या व सफाई व्यवस्था को लेकर चिंताएं रखीं। लोगों ने बताया कि मार्ग पर पत्थर गिरने के कारण यात्रा बेहद कठिन हो गई थी। हालांकि रास्ते को आंशिक रूप से खोलने से कुछ राहत मिली है।
ट्रैक निर्माण और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान
उपायुक्त ने बताया कि यात्रा मार्ग को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने सफाई को लेकर विशेष निर्देश देते हुए कहा कि इस बार स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे क्योंकि यात्रियों द्वारा फेंका गया कचरा पूरे क्षेत्र में गंदगी फैलाता है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा रेडियो फ्रीक्वेंसी आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक यात्री को एक कार्ड दिया जाएगा जिससे उसकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इस व्यवस्था से किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों तक तुरंत सहायता पहुंचाना संभव होगा।
यात्रियों की संख्या भी होगी नियंत्रित
उपायुक्त ने कहा कि यात्रा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन यात्रियों की संख्या निर्धारित की जाएगी। यदि निर्धारित क्षमता से अधिक लोग आते हैं तो प्रवेश को उसी अनुसार सीमित किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि यात्रा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जरूरतों जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, दवाइयों की उपलब्धता, बिजली और मोबाइल नेटवर्क को भी प्राथमिकता दी जाएगी।