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Udhampur News: मार्च में दिसंबर की दस्तक... किश्तवाड़-कश्मीर मार्ग बंद, जनजीवन प्रभावित
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- सियोजधार और किश्तवाड़ की ऊंची चोटियों पर बिछी सफेद चादर
उधमपुर/किश्तवाड़/चिनैनी। जम्मू संभाग में बुधवार को मौसम ने ऐसी करवट ली कि पहाड़ी और मैदानी इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गए। गर्मी की आहट के बीच अचानक हुई बारिश और ताजा बर्फबारी ने मार्च के महीने में दिसंबर का अहसास करा दिया। उधमपुर जिले में अधिकतम तापमान गिरकर 19.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है।
चिनैनी के सियोजधार और किश्तवाड़ की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिनभर बारिश होने से किश्तवाड़ के कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जिससे सफर जोखिम भरा हो गया। खासकर पहाड़ी मार्गों पर फिसलन बढ़ने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले इसी मार्ग पर वाहन और लोग फंस गए थे।
उधमपुर शहर में दोमेल, जखैनी और धार सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों के कीचड़ में तब्दील होने से आवागमन लगभग बाधित रहा।
चिनैनी में सुबह से ही तेज बारिश जारी रही जिस कारण बाजारों में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों की उपस्थिति कम रही। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप में सैलानी होटलों के कमरों में ही दुबके रहे। ठंड में इजाफा होने से पर्यटन स्थल पर सन्नाटा छा गया। लगातार तेज बारिश के कारण दुकानदार देर शाम को जल्दी दुकानें बंद कर घर चले गए। लोगों को जरूरी काम के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
वैष्णो देवी में हेलीकॉप्टर सेवा ठप, यात्रा में नहीं थमे कदम
कटड़ा।
खराब मौसम के बावजूद मां वैष्णो देवी के भक्तों के कदम नहीं थमे। शाम तक 18 हजार श्रद्धालुओं ने भवन की ओर प्रस्थान किया। हालांकि धुंध और बारिश के चलते हेलीकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं। आंकड़ों के अनुसार 2026 के शुरुआती तीन महीने में श्रद्धालुओं की संख्या 20 लाख का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है। इस साल अब तक लगभग 16 लाख श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके हैं। वीरवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र में तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। दिनभर जारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने बरसाती के सहारे परिवार सहित भवन की ओर प्रस्थान किया। यात्रियों की सुरक्षा के लिए श्राइन बोर्ड, पुलिस सीआरपीएफ और आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी व जवान यात्रा मार्ग पर तैनात रहे। संवाद
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, अगले दो दिन तक और बरसेगा पानी
राम कृष्ण, गोपाल दास, मंगत राम सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बदले मौसम ने दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दुकानदारों के कारोबार पर असर पड़ा है, क्योंकि लगातार बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या में कमी दर्ज की गई। मौसम में आए बदलाव से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। हालांकि कुछ फसलों के लिए बारिश लाभकारी मानी जा रही है। बोध राज, कृष्ण लाल व अन्य किसानों के मुताबिक पहले से तैयार फसलों का नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक बारिश की संभावना है।
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उधमपुर/किश्तवाड़/चिनैनी। जम्मू संभाग में बुधवार को मौसम ने ऐसी करवट ली कि पहाड़ी और मैदानी इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गए। गर्मी की आहट के बीच अचानक हुई बारिश और ताजा बर्फबारी ने मार्च के महीने में दिसंबर का अहसास करा दिया। उधमपुर जिले में अधिकतम तापमान गिरकर 19.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है।
चिनैनी के सियोजधार और किश्तवाड़ की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिनभर बारिश होने से किश्तवाड़ के कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जिससे सफर जोखिम भरा हो गया। खासकर पहाड़ी मार्गों पर फिसलन बढ़ने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
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किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले इसी मार्ग पर वाहन और लोग फंस गए थे।
उधमपुर शहर में दोमेल, जखैनी और धार सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों के कीचड़ में तब्दील होने से आवागमन लगभग बाधित रहा।
चिनैनी में सुबह से ही तेज बारिश जारी रही जिस कारण बाजारों में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों की उपस्थिति कम रही। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप में सैलानी होटलों के कमरों में ही दुबके रहे। ठंड में इजाफा होने से पर्यटन स्थल पर सन्नाटा छा गया। लगातार तेज बारिश के कारण दुकानदार देर शाम को जल्दी दुकानें बंद कर घर चले गए। लोगों को जरूरी काम के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
वैष्णो देवी में हेलीकॉप्टर सेवा ठप, यात्रा में नहीं थमे कदम
कटड़ा।
खराब मौसम के बावजूद मां वैष्णो देवी के भक्तों के कदम नहीं थमे। शाम तक 18 हजार श्रद्धालुओं ने भवन की ओर प्रस्थान किया। हालांकि धुंध और बारिश के चलते हेलीकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं। आंकड़ों के अनुसार 2026 के शुरुआती तीन महीने में श्रद्धालुओं की संख्या 20 लाख का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है। इस साल अब तक लगभग 16 लाख श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके हैं। वीरवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र में तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। दिनभर जारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने बरसाती के सहारे परिवार सहित भवन की ओर प्रस्थान किया। यात्रियों की सुरक्षा के लिए श्राइन बोर्ड, पुलिस सीआरपीएफ और आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी व जवान यात्रा मार्ग पर तैनात रहे। संवाद
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, अगले दो दिन तक और बरसेगा पानी
राम कृष्ण, गोपाल दास, मंगत राम सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बदले मौसम ने दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दुकानदारों के कारोबार पर असर पड़ा है, क्योंकि लगातार बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या में कमी दर्ज की गई। मौसम में आए बदलाव से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। हालांकि कुछ फसलों के लिए बारिश लाभकारी मानी जा रही है। बोध राज, कृष्ण लाल व अन्य किसानों के मुताबिक पहले से तैयार फसलों का नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक बारिश की संभावना है।