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जम्मू-कश्मीर: ड्रोन की बढ़ती घटनाओं से दहशत में लोग, सरकार से पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने की मांग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Fri, 16 Jul 2021 01:24 AM IST
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drone incident increase in border areas, People in panic due to incidents of drones in Jammu and Kashmir, demand from government to teach tough lesson to Pakistan
ड्रोन - फोटो : अमर उजाला

सांबा,ज्यौड़ियां और आरएस पुरा समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में आए दिन ड्रोन दिखने की बढ़ रही घटनाओं से ग्रामीण भयभीत हैं। लोग खेतों में भी जाने से डर रहे हैं। मंगलवार रात को अरनिया और हीरानगर सेक्टर में ड्रोन दिखने के बाद बुधवार रात ज्यौड़ियां के पलांवाला में सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन को सेना के जवानों ने खदेड़ा। लोगों को डर है कि पाकिस्तान ड्रोन से सीमावर्ती क्षेत्रों में हमले को अंजाम दे सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने की मांग की है।



आरएसपुरा के सीमावर्ती गांव अब्दुल्लिया के पूर्व सरपंच बचन चौधरी का कहना है कि पाकिस्तान पर विश्वास नहीं किया जा सकता। पहले जम्मू-कश्मीर व देश के कई हिस्सों में आतंकी हमले करवाए। आतंकियों का सफाया होने के बाद अब ड्रोन को नया हथियार बनाकर नशा और हथियार भेजे जा रहे हैं।

सुचेतगढ़ पंचायत के पूर्व सरपंच स्वर्ण लाल भगत का कहना है कि संघर्ष विराम जरूर हुआ है, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। सीमा पर तैनात मुस्तैद जवान पाकिस्तान पर पैनी नजर रखे हुए हैं। उसके नापाक मंसूबे विफल कर रहे हैं। इससे भड़का पाकिस्तान अब ड्रोन का प्रयोग कर रहा है। पाकिस्तान की ओर से जिस प्रकार एयरफोर्स स्टेशन पर हमला किया गया, उसी प्रकार सीमावर्ती क्षेत्र में भी किया जा सकता है।

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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पाकिस्तान को उसकी हरकत के लिए कड़ा सबक सिखाया जाए। सीमावर्ती गांव चन्दू चक्क के कृष्ण लाल चौधरी का कहना है कि फसल लगाने व कटाई करने के समय हमेशा पाकिस्तान की ओर से हालात खराब करने का प्रयास किया जाता है ताकि भारत के लोग परेशान रहे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना जरूरी हो गया ताकि समय रहते उसे सबक सिखाया जा सके।


 
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों को डर कहीं पाकिस्तान गोलाबारी न कर दे

सांबा में सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों ने कहा, जब भी फसल लगाने और काटने का समय होता है तो सीमा पर घुसपैठ करवाने के लिए पाकिस्तान की ओर से कोई न कोई प्रयास होता ही रहता है। किसान राज कुमार, हंस राज, बलवीर चन्द, दर्शन आदि ने बताया कि बार-बार पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ से वह भी भयभीत हैं। उन्हें डर है कि कहीं पाकिस्तान गोलाबारी न शुरू कर दे। रक्षा सूत्रों के मुताबिक धान की फसल की रोपाई के दौरान पाकिस्तान की ओर से अधिक घुसपैठ के प्रयास किए जाते हैं। चाहे वह सुरंग के जरिये हो या ड्रोन से। उन्होंने कहा कि घुसपैठ के लिए खोदी गई सुरंगों पर तो सुरक्षा बलों ने अंकुश लगा दिया है जिससे पाकिस्तानी सेना ड्रोन के माध्यम से हथियारों की घुसपैठ करवाने और ड्रोन से हमले के प्रयास में है।

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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
हथियार और नशे की तस्करी के लिए कर रहा ड्रोन का इस्तेमाल

एलओसी और आईबी पर सेना तथा सुरक्षाबलों की चौकसी के चलते आईएसआई के लिये आतंकियों तक हथियार पहुंचाना मुश्किल साबित हो रहा है, जिसके लिए अब वह ड्रोन का प्रयोग कर रहा है। जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के पास हथियारों की भारी कमी है। हर तरफ से विफल रहने के बाद अब उन्हें हथियार पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। बता दे, 22 सितंबर 2020 को ज्यौड़ियां के नाईवाला क्षेत्र में हथियार बरामद हुए थे। यह स्थान आईबी से लगभग 15 किलोमीटर और एलओसी से 25 किलोमीटर दूर है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

क्षेत्र में सक्रिय है आतंकियों का कोई मददगार

ज्यौड़ियां में सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल भी नाईवाला में हथियार गिराए गये थे, जिससे लगता है कि यहां पर भी कोई सक्रिय है जो आतंकियों की मदद कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ड्रोन की बढ़ती घटनाओं से उन्हें अब अपने खेतों में जाने में भी डर लग रहा है। कहीं उन पर ही हमला न हो जाए।
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