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J&K: तवी के पानी की गुणवत्ता में सुधार, ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ी; 2025 में चौथे स्टेज पर थी प्रदूषण की स्थिति

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Vijay Singh Pundir Updated Tue, 23 Jun 2026 02:12 PM IST
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सार

वर्ष 2018 से अब तक पानी में प्रदूषण के स्तर पर सुधार के बाद पानी की गुणवत्ता लगातार सुधरी है। उस वर्ष गुणवत्ता चौथे स्टेज पर थी जो वर्ष 2022 में तीसरे स्तर पर पहुंची। वर्ष 2025 में फिर गुणवत्ता खराब हुई।

Improvement in Tawi River water quality; oxygen levels have increased
तवी के पानी की गुणवत्ता में सुधार, ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सूर्य पुत्री तवी नदी के पानी की गुणवत्ता वर्ष 2022 से लगातार सुधार में है। बीच में गुणवत्ता का स्तर खराब हुआ लेकिन लगातार निगरानी व सख्ती के बाद वर्तमान में इस वर्ष पानी की गुणवत्ता तीसरे स्टेज पर आ गई है।



सेंट्रल वाटर कमीशन की अप्रैल में आई रिपोर्ट में बताया है कि पानी में ऑक्सीजन व बायो केमिकल ऑक्सीजन डिमांड का स्तर भी मानकों के अंदर है। अगले माह अमरनाथ यात्रा शुरू होगी जिसे लेकर प्रदूषण नियंत्रण समिति के साथ ही केंद्रीय जल आयोग, नगर निगम और एनजीटी पानी की गुणवत्ता व प्रदूषण के स्तर की मॉनिटरिंग बढ़ाएगा।
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प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण समिति के चेयरमैन वासु यादव ने बताया कि तवी में पानी की गुणवत्ता हर तीसरे माह जांची जाती है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट तैयार होती है। इसके आधार पर विभिन्न विभागों के साथ मिलकर प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया जाता है।
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तवी में जो नाले गिर रहे थे उनमें अधिकांश बंद कर दिए हैं। कहीं कहीं नदी के किनारे बसे घरों से पानी बह रहा है। भविष्य में इस पानी को भी रोका जाएगा। औद्योगिक कचरे या अपशिष्ट पदार्थ, कचरा आदि डालने पर प्रतिबंध पहले से ही है। अमरनाथ यात्रा के लिए तवी रिवर फ्रंट पर ऑफलाइन पंजीकरण व स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाए जाने हैं। ऐसे में कूड़े को नदी में फेंकने से रोकने के लिए टीमें तैनात की जाएंगी।

वर्ष 2018 से अब तक पानी में प्रदूषण के स्तर पर सुधार के बाद पानी की गुणवत्ता लगातार सुधरी है। उस वर्ष गुणवत्ता चौथे स्टेज पर थी जो वर्ष 2022 में तीसरे स्तर पर पहुंची। वर्ष 2025 में फिर गुणवत्ता खराब हुई। अब फिर सुधार दर्ज करते हुए तीसरे स्टेज पर है। दूसरे व पहले स्थान पर प्रदूषण का स्तर बेहद खराब माना गया है।

इतनी मिली मात्रा
केंद्रीय जल आयोग की अप्रैल की जल गुणवत्ता रिपोर्ट में बताया गया कि तवी के पानी में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा मानकों के अनुसार छह मिलीग्राम प्रति लीटर से बढ़कर 7.18 मिलीग्राम मिली है जो मानकों से कहीं अधिक हैं। इसी तरह प्रति लीटर बायो केमिकल ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा मानकों के तहत दो मिलीग्राम प्रति लीटर से कम होनी चाहिए जो 1.46 दर्ज की गई है।

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