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Jammu News: महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ अखनूर, कामेश्वर मंदिर में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 17 Feb 2026 03:01 AM IST
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शिवकेरी मंदिर सुंगल में शिवलिंग पर जल अर्पित करते विधायक मोहन लाल, कामेश्वर मंदिर में लगी श्रद्
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कामेश्वर मंदिर, शिवकेरी सुंगल, शिव मंदिर गोसान, शिव मंदिर जिया पोता, महादेव मंदिर अंबारां और शिव मंदिर बल्ले दा बाग में जुटे श्रद्धालु
अखनूर। अखनूर क्षेत्र में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जम्मू सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में भक्त ऐतिहासिक कामेश्वर मंदिर, शिवकेरी सुंगल, शिव मंदिर गोसान, शिव मंदिर जिया पोता, महादेव मंदिर अंबारां और शिव मंदिर बल्ले दा बाग मंदिरों में पहुंचे।
कस्बे के प्राचीन कामेश्वर मंदिर में तड़के करीब एक बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते-होते मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जो दिनभर जारी रहीं। अनुमानित तौर पर यहां 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। वर्षों से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से भक्त पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, लंगर, चिकित्सा सुविधा और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं।
इस अवसर पर भाजपा नेता अशोक कौल, सांसद जुगल किशोर शर्मा, विधायक शाम लाल शर्मा, विधायक मोहनलाल भगत, एसपी बृजेश शर्मा, तहसीलदार नरेश कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। आयोजन को देखते हुए सिविल प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष बंदोबस्त किए थे। डीएसपी वरिंदर गुप्ता और थाना प्रभारी राजेश जसरोटिया दिनभर मंदिर परिसर में तैनात रहे।
अपने धार्मिक प्रवचन में महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास ने बताया कि प्राचीन कामेश्वर मंदिर द्वापर युग से जुड़ा आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां भगवान शिव के शिवलिंग के साथ महाभारतकालीन योद्धा बर्बरीक (खाटूश्यामजी) के धड़ तथा उनके घोड़े की पिंडियों की पूजा की जाती है और जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
कामेश्वर मंदिर को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया गया, जहां बच्चों के लिए झूले और खान-पान के स्टाल लगाए गए। श्रद्धालुओं की ओर से प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए थे।
शिवकेरी मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। महादेव मंदिर अंबारां में भस्म आरती का आयोजन किया गया जबकि शिवकेरी में जंगम द्वारा शिव विवाह और महाशिवरात्रि कथा का गुणगान किया गया। गोसान, जिया पोता और बल्ले दा बाग मंदिरों में भी हजारों श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई।
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अखनूर। अखनूर क्षेत्र में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जम्मू सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में भक्त ऐतिहासिक कामेश्वर मंदिर, शिवकेरी सुंगल, शिव मंदिर गोसान, शिव मंदिर जिया पोता, महादेव मंदिर अंबारां और शिव मंदिर बल्ले दा बाग मंदिरों में पहुंचे।
कस्बे के प्राचीन कामेश्वर मंदिर में तड़के करीब एक बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते-होते मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जो दिनभर जारी रहीं। अनुमानित तौर पर यहां 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। वर्षों से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से भक्त पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, लंगर, चिकित्सा सुविधा और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं।
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इस अवसर पर भाजपा नेता अशोक कौल, सांसद जुगल किशोर शर्मा, विधायक शाम लाल शर्मा, विधायक मोहनलाल भगत, एसपी बृजेश शर्मा, तहसीलदार नरेश कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। आयोजन को देखते हुए सिविल प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष बंदोबस्त किए थे। डीएसपी वरिंदर गुप्ता और थाना प्रभारी राजेश जसरोटिया दिनभर मंदिर परिसर में तैनात रहे।
अपने धार्मिक प्रवचन में महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास ने बताया कि प्राचीन कामेश्वर मंदिर द्वापर युग से जुड़ा आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां भगवान शिव के शिवलिंग के साथ महाभारतकालीन योद्धा बर्बरीक (खाटूश्यामजी) के धड़ तथा उनके घोड़े की पिंडियों की पूजा की जाती है और जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
कामेश्वर मंदिर को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया गया, जहां बच्चों के लिए झूले और खान-पान के स्टाल लगाए गए। श्रद्धालुओं की ओर से प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए थे।
शिवकेरी मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। महादेव मंदिर अंबारां में भस्म आरती का आयोजन किया गया जबकि शिवकेरी में जंगम द्वारा शिव विवाह और महाशिवरात्रि कथा का गुणगान किया गया। गोसान, जिया पोता और बल्ले दा बाग मंदिरों में भी हजारों श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई।

शिवकेरी मंदिर सुंगल में शिवलिंग पर जल अर्पित करते विधायक मोहन लाल, कामेश्वर मंदिर में लगी श्रद्