मिलिए देश की पहली आदिवासी महिला राज्यपाल से
आदिवासी नेता द्रोपदी मुर्मु को झारखंड की राज्यपाल बनाया गया है। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वीरेन्द्र सिंह ने मुर्मु को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इसी के साथ ही द्रोपदी मुर्मु आदिवासी वर्ग से आने वाली देश की पहली महिला राज्यपाल हो गई हैं।
मुर्मु ने पूर्व राज्यपाल डा. सैयद अहमद की जगह ली गई है जिन्हें यहां से हटाकरण मणिपुर भेजा गया था। वहीं, आदिवासी बहुल झारखंड राज्य में उडीसा की आदिवासी भाजपा नेता मुर्मु की नियुक्ति के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
झारखंड के गठन के बाद से ऐसा पहली बार हुआ था जब कोई गैर आदिवासी नेता इस आदिवासी बहुल राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। झारखंड राज्य की बहुसंख्यक आबादी आदिवासी बहुल है ऐसे में गैर आदिवासी रघुवर दास को सत्ता सौंपने के बाद से भाजपा को इस बात की चिंता सता रही थी कि चुनावों में उसे थोक के भाव वोट देने वाला आदिवासी समाज कभी भी उससे नाराज हो सकता है।
माना जा रहा है इसलिए भाजपा ने बड़ा दांव चलते हुए राज्यपाल के पद पर आदिवासी नेता की नियुक्ति की जिससे उनमें असंतोष न हो।
कौन हैं द्रोपदी मुर्मु
झारखंड के राज्यपाल पद की शपथ लेने वाली द्रोपदी मुर्मु मूल रूप से उडीसा की रहने वाली है। दो बार भाजपा से विधायक रही द्रोपदी पूर्व में भाजपा के सहयोग से बनने वाली नवीन पटनायक की सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुकी हैं। इसके बाद वो उडीसा के मयूरभंज जिले की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
उन्हें भाजपा का कर्मठ कार्यकर्ता माना जाता है। वहीं उनके शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास, उनकी कैबिनेट के सहयोगी, पूर्व मुख्यमंत्री शिबु सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत आदि मौजूद रहे।