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Jharkhand News: दुमका के मसलिया में विषाक्त भोजन खाने से 21 छात्र-छात्राएं बीमार, जांच की मांग
Mon, 06 Jul 2026 06:17 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 06:17 PM IST
सार
ग्रामीणों का कहना है कि संस्थान में रसोइयों को लगातार बदला जाता है और अनुभवी कर्मियों को लंबे समय तक नहीं रखा जाता। उनका आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर अक्सर लापरवाही बरती जाती है, लेकिन प्रबंधन इस पर गंभीरता नहीं दिखाता।
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अस्पताल में इलाजरत बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उप राजधानी दुमका के मसलिया स्थित दीनदयाल कौशल केंद्र में विषाक्त भोजन खाने से 21 छात्र-छात्राएं बीमार हो गए। सभी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से बीमार कुछ विद्यार्थियों को बेहतर इलाज के लिए दुमका के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने संस्थान प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार, बीती रात हॉस्टल में छात्र-छात्राएं सामूहिक रूप से भोजन कर रहे थे। इसी दौरान भोजन में छिपकली गिरने की आशंका जताई गई। इसके बावजूद भोजन परोसा गया। अगले दिन सुबह कई विद्यार्थियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें उल्टी, पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं, जिसके बाद आनन-फानन में सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।
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घटना के बाद संस्थान पहुंचे संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख रामकृष्ण लोधा ने प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों रसोइयों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि निलंबन के बावजूद वही रसोइये भोजन बनाते हुए नजर आए, जिससे संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि संस्थान में रसोइयों को लगातार बदला जाता है और अनुभवी कर्मियों को लंबे समय तक नहीं रखा जाता। उनका आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर अक्सर लापरवाही बरती जाती है, लेकिन प्रबंधन इस पर गंभीरता नहीं दिखाता। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।