Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम में खेत से मिला शक्तिशाली विस्फोटक, सेना ने कंट्रोल्ड ब्लास्ट कर किया नष्ट
पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के सोनपोखरी गांव में खेत से मिले शक्तिशाली विस्फोटक को भारतीय सेना के बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से कंट्रोल्ड ब्लास्ट कर नष्ट कर दिया। अभियान का नेतृत्व 23 इन्फेंट्री डिविजन के कर्नल धर्मेंद्र सिंह ने किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के सोनपोखरी गांव में खेत से बरामद शक्तिशाली विस्फोटक को शुक्रवार को भारतीय सेना के बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से नियंत्रित विस्फोट कर नष्ट कर दिया। इस अभियान का नेतृत्व सेना की 23 इन्फेंट्री डिविजन के कर्नल धर्मेंद्र सिंह ने किया। ऑपरेशन के दौरान जिला प्रशासन, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
150 मीटर दूर से किया गया नियंत्रित विस्फोट
सेना ने अत्याधुनिक कंट्रोल्ड ब्लास्ट तकनीक का इस्तेमाल करते हुए करीब 150 मीटर दूर से विस्फोट किया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि विस्फोट स्थल पर लगभग पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया। मिट्टी और धुएं का गुबार करीब 60 मीटर तक हवा में उठ गया। सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
बारिश और वज्रपात से कुछ देर रुका अभियान
दोपहर एक बजे विस्फोट की तैयारी पूरी हो चुकी थी, लेकिन अचानक तेज बारिश और वज्रपात शुरू होने के कारण अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। मौसम सामान्य होने के बाद शाम 3 बजकर 14 मिनट पर दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई और सफलतापूर्वक विस्फोटक को नष्ट कर दिया गया।
300 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया
प्रशासन ने विस्फोट स्थल के चारों ओर 300 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया था। आम लोगों और मीडियाकर्मियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। विस्फोट के बाद स्प्लिंटर्स करीब 400 मीटर दूर तक मिले, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता सही साबित हुई।
तोप में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक होने की आशंका
सेना के अधिकारियों ने बताया कि बरामद विस्फोटक भारतीय सेना का और भारतीय निर्माण का था। उस पर काफी जंग लग चुकी थी, इसलिए उसकी उम्र का तत्काल पता नहीं चल सका। प्रारंभिक जांच में इसे तोप में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक माना जा रहा है। इसके अवशेषों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि उसकी उम्र और अन्य तकनीकी जानकारियों का पता लगाया जा सके।