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Jharkhand: शौचालय योजना में रिश्वतखोरी का खेल! ACB ने 8 हजार लेते प्रधान लिपिक को दबोचा
Thu, 02 Jul 2026 09:51 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 09:51 PM IST
सार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान लिपिक गुलाम रसूल को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सरकारी स्कूलों में शौचालय निर्माण योजना से जुड़े कार्य के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर की गई।
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8 हजार लेते ही ACB ने दबोचा प्रधान लिपिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान लिपिक गुलाम रसूल को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सरकारी स्कूलों में शौचालय निर्माण योजना से जुड़े कार्य के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के बाद प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रेमजीत सिंह ने एसीबी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि पेटरवार प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक गुलाम रसूल शौचालय निर्माण योजना से संबंधित फाइल और भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।
जाल बिछाकर आरोपी को किया गिरफ्तार
गुरुवार को एसीबी की टीम ने पूरी रणनीति के तहत जाल बिछाया। शिकायतकर्ता जैसे ही आरोपी प्रधान लिपिक को 8 हजार रुपये रिश्वत देने पहुंचा, पहले से निगरानी कर रही एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुलाम रसूल को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे अपने साथ ले जाया गया।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़ें: अपनी ही सरकार पर नाराज हुए मंत्री मदन सहनी! बोले- 'आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग जख्म कुरेदने जैसी'
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस कार्रवाई को सरकारी कार्यालयों में व्याप्त रिश्वतखोरी के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रेमजीत सिंह ने एसीबी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि पेटरवार प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक गुलाम रसूल शौचालय निर्माण योजना से संबंधित फाइल और भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।
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जाल बिछाकर आरोपी को किया गिरफ्तार
गुरुवार को एसीबी की टीम ने पूरी रणनीति के तहत जाल बिछाया। शिकायतकर्ता जैसे ही आरोपी प्रधान लिपिक को 8 हजार रुपये रिश्वत देने पहुंचा, पहले से निगरानी कर रही एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुलाम रसूल को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे अपने साथ ले जाया गया।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस कार्रवाई को सरकारी कार्यालयों में व्याप्त रिश्वतखोरी के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।