Jharkhand News: झारखंड पुलिस का डिजिटल वार! अब एक क्लिक में खुलेगी अपराधियों की पूरी कुंडली
झारखंड पुलिस संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए अब अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। अपराधियों की 360 डिग्री डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने के लिए C-360 सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड में अपराध और संगठित अपराधियों पर लगाम कसने के लिए राज्य पुलिस अब तकनीक का सहारा ले रही है। अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सी-360 (360 डिग्री) नाम का अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इस सिस्टम की मदद से पुलिस को किसी भी अपराधी की लोकेशन, संपत्ति, सोशल मीडिया गतिविधियों, रिश्तेदारों, जमानतदारों और पूरे आपराधिक नेटवर्क की जानकारी एक क्लिक में मिल जाएगी। इससे अपराधियों पर तेजी से कार्रवाई करने और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
पलामू से होगी शुरुआत, पूरे झारखंड में होगा विस्तार
सी-360 सॉफ्टवेयर को पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी कौशल किशोर की पहल पर तैयार किया गया है। सबसे पहले इसे पलामू जिले में लागू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे झारखंड में इस सिस्टम का विस्तार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल डेटाबेस संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी भूमिका निभाएगा।
एक क्लिक में मिलेगी अपराधी की पूरी प्रोफाइल
इस सॉफ्टवेयर में अपराधियों के घर की लोकेशन, चल और अचल संपत्ति, सोशल मीडिया अकाउंट, परिवार, रिश्तेदार, पनाहगार, जमानतदार, वाहन और उनसे जुड़े लोगों की पूरी जानकारी दर्ज रहेगी। इतना ही नहीं, अपराधियों को संरक्षण देने वाले लोगों और जमानतदारों के घरों के अक्षांश-देशांतर (लोकेशन) की जानकारी भी इसमें सुरक्षित रखी जाएगी।
आपराधिक रिकॉर्ड भी रहेगा डिजिटल
सी-360 में अपराधियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों, अदालतों में लंबित मामलों और उनके पूरे आपराधिक इतिहास का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे किसी भी आरोपी के बारे में जानकारी जुटाने में पुलिस को अलग-अलग दस्तावेज खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मोबाइल एप से भी जुड़ रहा सिस्टम
फिलहाल पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में सक्रिय संगठित अपराधियों का डेटा इस सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जा चुका है। इसे पुलिस के मोबाइल एप से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारी मौके पर ही किसी भी अपराधी की पूरी डिजिटल प्रोफाइल देख सकें।
जांच होगी तेज, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहले किसी बड़ी वारदात के बाद आरोपियों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में काफी समय लगता था। लेकिन सी-360 लागू होने के बाद यह काम कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। इससे जांच की रफ्तार बढ़ेगी और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी हो सकेगी।