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Jharkhand: 'नशा करोगे तो हो जाओगे खराब', स्वास्थ्य मंत्री का युवाओं को दिया संदेश; 15 दिवसीय अभियान का समापन
Fri, 26 Jun 2026 10:44 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:44 AM IST
सार
रांची में निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ 15 दिवसीय राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का समापन हुआ। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नशामुक्त झारखंड का संकल्प दोहराते हुए युवाओं को शपथ दिलाई और अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों व संस्थाओं को सम्मानित किया।
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झारखंड सरकार के निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए गए 15 दिवसीय राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का गुरुवार को रांची के शौर्य सभागार, डोरंडा में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार नशामुक्ति जागरूकता पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
'नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे समाज को करता है बर्बाद'
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि नशा केवल किसी व्यक्ति का जीवन नहीं बिगाड़ता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य 'नशामुक्त झारखंड, स्वस्थ झारखंड' का निर्माण करना है और इसी उद्देश्य से पिछले तीन वर्षों से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि भविष्य में यह जागरूकता अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष संचालित किया जाए।
युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर
डॉ. अंसारी ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए उन्हें खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार के संयुक्त प्रयास से ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं मादक पदार्थों के कारोबार या नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना प्रशासन को अवश्य दें।
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विद्यालयों और कॉलेजों में बढ़ेगी जागरूकता
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार ने कहा कि नशे की समस्या वैश्विक चुनौती बन चुकी है। इससे निपटने के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने, जोखिमग्रस्त विद्यार्थियों की पहचान करने और काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है।
वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 मीटर के दायरे में नशे से जुड़ी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। साथ ही संस्थानों में नशामुक्ति से जुड़े मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम और नियमित जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
ये भी पढ़ें- Jharkhand News: लखनऊ हादसे के बाद रांची के कोचिंग सेंटरों पर उठे सवाल! नियमों की अनदेखी का लग रहा आरोप
जनभागीदारी से ही सफल होगा अभियान
अपर मुख्य सचिव गृह वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से यह अभियान सफल रहा। उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नशे के दुष्प्रभावों पर खुलकर चर्चा और जनभागीदारी से ही इस अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है। रांची की मेयर रोशनी खलखो ने भी लोगों से नशामुक्त और सुरक्षित झारखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान नशामुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पर्यटन विभाग, एनएचएम, रिनपास, सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं के अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा राज्य में पहली बार वित्तीय जब्ती (फाइनेंशियल सीजर) की कार्रवाई करने वाले अधिकारी सनोज कुमार चौधरी को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
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'नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे समाज को करता है बर्बाद'
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि नशा केवल किसी व्यक्ति का जीवन नहीं बिगाड़ता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य 'नशामुक्त झारखंड, स्वस्थ झारखंड' का निर्माण करना है और इसी उद्देश्य से पिछले तीन वर्षों से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि भविष्य में यह जागरूकता अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष संचालित किया जाए।
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युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर
डॉ. अंसारी ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए उन्हें खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार के संयुक्त प्रयास से ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं मादक पदार्थों के कारोबार या नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना प्रशासन को अवश्य दें।
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विद्यालयों और कॉलेजों में बढ़ेगी जागरूकता
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार ने कहा कि नशे की समस्या वैश्विक चुनौती बन चुकी है। इससे निपटने के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने, जोखिमग्रस्त विद्यार्थियों की पहचान करने और काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है।
वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 मीटर के दायरे में नशे से जुड़ी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। साथ ही संस्थानों में नशामुक्ति से जुड़े मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम और नियमित जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
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जनभागीदारी से ही सफल होगा अभियान
अपर मुख्य सचिव गृह वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से यह अभियान सफल रहा। उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नशे के दुष्प्रभावों पर खुलकर चर्चा और जनभागीदारी से ही इस अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है। रांची की मेयर रोशनी खलखो ने भी लोगों से नशामुक्त और सुरक्षित झारखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान नशामुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पर्यटन विभाग, एनएचएम, रिनपास, सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं के अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा राज्य में पहली बार वित्तीय जब्ती (फाइनेंशियल सीजर) की कार्रवाई करने वाले अधिकारी सनोज कुमार चौधरी को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।