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Jharkhand: एक मार्च को राजधानी रांची में कुड़मी अधिकार महारैली, हक और अधिकार के लिए आर-पार की लड़ाई का एलान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Fri, 30 Jan 2026 08:11 PM IST
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सार

Ranchi News: कुड़मी समाज के अधिकारों को लेकर कुड़मी अधिकार महारैली एक मार्च को रांची के प्रभात तारा मैदान में होगी। आयोजकों ने सरकार पर अनुमति न देने का आरोप लगाया और समाज से एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की।

Kurmi Rights Mega Rally in Ranchi on March 1st, declaration of decisive battle for rights and entitlements
प्रेस वार्ता में जानकारी साझा करते सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कुड़मी समाज के हक और अधिकार को लेकर प्रस्तावित कुड़मी अधिकार महारैली अब एक मार्च को राजधानी रांची के प्रभात तारा मैदान में आयोजित की जाएगी। इसकी जानकारी शुक्रवार को स्थानीय होटल गंगा आश्रम में बृहत झारखंड कुड़मी समन्वय समिति की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने की।

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तारीख बदलने के पीछे बताए गए कारण
शीतल ओहदार ने बताया कि पहले यह महारैली 22 फरवरी को प्रभात तारा मैदान, धुर्वा में प्रस्तावित थी, लेकिन नगर निकाय चुनाव की घोषणा और आचार संहिता लागू होने के कारण इसे स्थगित कर एक मार्च को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार जानबूझकर कुड़मी समाज को संगठित होने से रोकने का प्रयास कर रही है।
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मांगों को बताया जायज, सरकार पर लगाए आरोप
प्रेस वार्ता में कहा गया कि कुड़मी समाज की मांगें पूरी तरह से जायज हैं। समाज की प्रमुख मांगों में कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करना और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान दिलाना शामिल है। शीतल ओहदार ने कहा कि 20 सितंबर को हुए रेल रोको आंदोलन के बाद सरकार घबरा गई है और इसी कारण बार-बार समाज की रैलियों को रोका जा रहा है।

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रैली की अनुमति न मिलने पर नाराजगी
उन्होंने यह भी कहा कि कुड़मी समाज का आंदोलन केंद्र सरकार से संबंधित है, इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा रैली की अनुमति नहीं देना समझ से परे है। 11 जनवरी को मोराबादी मैदान में सरकारी कार्यक्रम का हवाला देकर मैदान उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि 22 फरवरी की रैली को चुनाव आयोग के निर्देश के बाद अनुमति नहीं दी गई। इन घटनाओं से समाज में आक्रोश व्याप्त है।
 
समाज से एकजुट होकर पहुंचने की अपील
शीतल ओहदार ने कुड़मी समाज के युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बुद्धिजीवियों से आह्वान किया कि वे एक मार्च को प्रभात तारा मैदान पहुंचकर अपने हक और अधिकार के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहें। प्रेस वार्ता में सखीचंद महतो, दानिसिंह महतो, संजय लाल महतो, सुषमा महतो, अधिवक्ता मिथिलेश कुमार महतो, राजकुमार महतो, सोना लाल महतो, ज्योतिष महतो, रूपलाल महतो, खिरोधार महतो, संदीप महतो, किरण महतो और सुमन देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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