अफ्रीका की एक स्वतंत्र संस्था 'अफ्रीकी क्षेत्रीय प्रमाणन आयोग' ने अफ्रीकी महाद्वीप को पोलियो मुक्त घोषित किया है। इस महाद्वीप में आखिरी बार पोलियो का मामला साल 2016 में नाइजीरिया में सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 25 साल पहले अफ्रीका में हजारों बच्चे पोलियो वायरस के शिकार हुए थे और उसकी वजह से वो लकवाग्रस्त हो गए थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यह दूसरी बार है जब अफ्रीका में किसी वायरस को खत्म किया गया है। चार दशक पहले यहां चेचक को पूरी तरह से खत्म किया गया था। भारत को तो 2014 में ही पोलियो मुक्त देश घोषित किया गया था। आइए जानते हैं इस पोलियो वायरस के बारे में कि यह कितना खतरनाक है, इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय क्या हैं।
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अफ्रीका हुआ पोलियो वायरस से मुक्त, जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
Wed, 26 Aug 2020 11:30 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 26 Aug 2020 11:30 AM IST
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- फोटो : Pixabay
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क्या है पोलियो?
- पोलियो को पोलियोमेलाइटिस भी कहा जाता है। यह एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो पोलियो वायरस के कारण होता है। कोरोना वायरस की तरह ही इसका संक्रमण भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसका संक्रमण व्यक्ति के शरीर की रीढ़ की हड्डियों और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है। इस वजह से व्यक्ति लकवाग्रस्त हो सकता है या उसके शरीर के अंग काम करना बंद कर सकते हैं।
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पोलियो के कारण क्या हैं?
- पोलियो वायरस का संक्रमण दूषित पानी से, भोजन से या वायरस से संक्रमित व्यक्ति के साथ सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
- यह इतना संक्रामक है कि संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने वाले को भी यह अपनी चपेट में ले लेता है।
- पोलियो संक्रमित मल के संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्ति भी इससे ग्रस्त हो सकता है।
- इसका संक्रमण कभी-कभी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से भी फैल सकता है, क्योंकि पोलियो का वायरस गले या आंतों में रहता है।
- पोलियो का संक्रमण शौचालय के माध्यम से भी फैल सकता है, अगर किसी संक्रमित व्यक्ति ने शौचालय या फ्लश का इस्तेमाल किया हो और उसके बाद कोई स्वस्थ व्यक्ति उसी शौचालय में जाता हो।
- पोलियो संक्रमित गर्भवती महिला से उसके होने वाले बच्चे को भी इसका संक्रमण हो सकता है।
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पोलियो के लक्षण क्या हैं?
- बुखार, सिरदर्द, थकान, उल्टी
- गले में खराश
- गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द
- मांसपेशियों में कमजोरी होना
- बांहों या पैरों में दर्द या ऐंठन होना
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पोलियो का इलाज क्या है?
- पोलियो का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसे बढ़ने से यानी इसकी जटिलताओं को रोका जरूर जा सकता है।
- पोलियो में होने वाले दर्द से निजात पाने के लिए डॉक्टर कुछ दर्द निवारक दवा लेने की सलाह दे सकते हैं।
- पोलियो की वजह से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकता है, ऐसे में उनकी सहायता के लिए वेंटिलेटर का उपयोग किया जा सकता है।