बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में अब सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो अब साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी (Psychological Autopsy) का भी सहारा लेगी। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौत से पहले सुशांत सिंह राजपूत के दिमाग में क्या चल रहा था। इसमें सुशांत की दिमागी हालत जानने की कोशिश की जाएगी, जिससे मौत के पीछे के कई सवालों का जवाब मालूम किया जा सके। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी की मौत की मिस्ट्री सुलझाने में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी का सहारा लिया जा रहा है।
{"_id":"5f4518a4a153c72dfa78d424","slug":"sushant-singh-rajput-psychological-autopsy-know-all-about-it-has-use-in-shashi-tharoor-wife-sunanda-pushkar-and-delhi-burari-sucide-case","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इस जांच से पता चलेगा मौत से पहले कैसी थी सुशांत सिंह राजपूत की दिमागी हालत?","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
इस जांच से पता चलेगा मौत से पहले कैसी थी सुशांत सिंह राजपूत की दिमागी हालत?
Wed, 26 Aug 2020 11:05 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Wed, 26 Aug 2020 11:05 AM IST
विज्ञापन
सुशांत सिंह राजपूत केस में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी का सहारा
- फोटो : iStock/Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवसाद
- फोटो : पिक्साबे
- विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी हत्या या आत्महत्या केस की गुत्थी सुझलाने में इस जांच का अहम योगदान होता है। इसमें संबंधित व्यक्ति के मरने से पहले की मनोस्थिति का पता लगाया जाता है। साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी का सहारा अधिकतर आत्महत्या के केस में लिया जाता है। इसके जरिए आत्महत्या करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों के जीवन में मरने से पहले हाल-फिलहाल की चल रही घटनाओं पर अध्ययन किया जाता है।
depression
- फोटो : social media
- विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य तौर पर डेड बॉडी यानी शव का अटॉप्सी टेस्ट किया जाता है। लेकिन जहां तक साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की बात है, इसकी सहायता अधिकतर आत्महत्या के केस में ली जाती है। इसके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि जिसकी मौत हुई है, उसका साइकोलॉजिकल मेकअप क्या था? उसके सोचने का तरीका क्या था? उसने मरने के कुछ दिनों पहले क्या-क्या किया था? उसका व्यवहार कैसा था? ऐसे सारे सवालों का जवाब जानने की कोशिश की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुनंदा पुष्कर(File Photo)
- फोटो : Social Media
सुनंदा पुष्कर केस में भी हुई थी साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी
- यह कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी की मौत की गुत्थी सुलझाने में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी का सहारा लिया जा रहा है। इससे पहले चर्चित सुनंदा पुष्कर केस और दिल्ली के बुराड़ी में 11 लोगों की मौत के मामले में भी अटॉप्सी का सहारा लिया जा चुका है। दिल्ली के एक होटल में कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत हुई थी। होटल के कमरे में वह मृत पाई गई थीं। इस घटना पर कई तरह की बातें कही जा रही थीं। कुछ लोग इसे आत्महत्या तो कुछ लोग इसे हत्या कह रहे थे। इस केस में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी का सहारा लिया गया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- सुनंदा पुष्कर के केस में साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी के जरिए यह जांचने की कोशिश की गई थी कि आत्हमत्या करने से पहले सुनंदा पुष्कर की मानसिक स्थित कैसी थी। इस अटॉप्सी के जरिए जानने की कोशिश की गई थी कि सुसाइड से पहले वो क्या सोच रही थीं। क्या वो किसी तरह के तनाव में चल रही थीं? ऐसे ही सवालों का जवाब जानने की कोशिश की गई थी। सुनंदा पुष्कर केस के अलावा दिल्ली के चर्चित बुराड़ी कांड में भी इसका इस्तेमाल किया गया था।