कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से भारत दुनिया का तीसरा सबसे अधिक प्रभावित देश बन चुका है। यहां संक्रमण के चार लाख 23 हजार से अधिक केस हैं और मरने वालों की संख्या 69 हजार के पार पहुंच गई है। एक ही दिन में कोरोना वायरस के 90 हजार से ज्यादा मामले आने के बाद भारत सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमितों के मामले में ब्राजील के करीब पहुंच गया है। दोनों देशों में कोरोना संक्रमितों की संख्या का अंतर मात्र 10 हजार रह गया है। अगर यहां नए मामलों की संख्या ब्राजील से ज्यादा होती है तो वह संक्रमितों की संख्या के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देश बन जाएगा। हालांकि देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या भी लाखों में है, लेकिन कुछ लोग अब भी ऐसे हैं जिन्हें या तो इस महामारी से बचने के उपायों के बारे में सही से जानकारी नहीं है या फिर वो जानबूझ कर लापरवाही बरत रहे हैं। इससे बचने का अब तक का सबसे कारगर उपाय तो मास्क को ही बताया गया है, लेकिन इसको लेकर अभी ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब लोग जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब...
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क्या एक ही मास्क को हमेशा लगाते रहना सही है? जानिए कोरोना से जुड़े ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब
Sun, 06 Sep 2020 02:25 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 06 Sep 2020 02:25 PM IST
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कोरोना वायरस से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब
- फोटो : Pixabay/Amarujala
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
कुछ लोग एक ही मास्क को हमेशा लगाते रहते हैं, क्या यह सही है?
- दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की डॉ. गीता कमपानी बताती हैं, 'अगर किसी के पास कॉटन का मास्क है, तो उसे बार-बार धोकर लगाने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन अगर सर्जिकल मास्क या डिस्पोजेबल मास्क है तो उन्हें एक बार इस्तेमाल करके नष्ट कर देना चाहिए। ऐसे मास्क को दोबारा धोकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।'
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मेट्रो में सेंट्रलाइज्ड एसी का प्रयोग होता है, लोगों को क्या सलाह है?
- डॉ. गीता कमपानी के मुताबिक, 'मेट्रो में सेंट्रलाइज्ड एसी चलते हैं, तो जाहिर है संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अगर किसी को जुकाम या बुखार है तो यात्रा न करें और घर पर ही रहें। और सर्दी-जुकाम हो न हो, सभी को मेट्रो में मास्क लगाना अनिवार्य है। स्टेशन पर किसी भी रेलिंग को न छूएं और लोगों से दूरी बनाकर रखें। एस्केलेटर पर या मेट्रो के भीतर कोशिश करें कि आप किसी के संपर्क में न आएं। मेट्रो से उतरते ही हाथों को सैनिटाइज करें। जहां तक संभव हो, अभी यात्रा करने से बचें।'
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क्या डायरिया भी कोरोना वायरस के लक्षण में आता है?
- डॉ. गीता कमपानी बताती हैं, 'कुछ लक्षण ऐसे हैं जो सामान्य लक्षण से अलग हैं। जैसे पेट दर्द और डायरिया के लक्षण कुछ कोरोना मरीजों में पाए गए हैं। अगर आपके डॉक्टर को कोरोना की आशंका है, तो तुरंत जांच कराएं।'
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क्या अब कोई भी कोरोना टेस्ट करा सकता है?
- डॉ. गीता कमपानी के मुताबिक, 'स्वास्थ्य मंत्रालय ने टेस्ट को चार भागों में बांटा है। पहला कंटेनमेंट जोन में जो संक्रमित के संपर्क में आए हैं या जिन्हें पहले से कोई बीमारी है। इसका रैपिड एंटीजन टेस्ट, फिर आरटी-पीसीआर होगा। दूसरा- 'नॉन कंटेनमेंट जोन' में हैं, लेकिन संक्रमित के संपर्क में आए हैं। या जो विदेश से आए हैं, स्वास्थ्यकर्मी हैं, इनमें आरटी-पीसीआर को वरीयता दी जाएगी। तीसरा- वे लोग जिनमें इंफ्लुएंजा के लक्षण हैं, गर्भवती महिलाएं, सर्जरी केस आदि का सीधे आरटी-पीसीआर टेस्ट होगा। चौथा- कोई भी स्वयं जाकर बिना डॉक्टर के लिखे टेस्ट करा सकता है।'