कोरोना संक्रमण का सबसे पहला मामला बीते साल दिसंबर में सबसे चीन के वुहान में सामने आया था जिसके बाद इसने तेजी से दुनिया के दूसरे देशों में पैर फैलाना शुरू किया। दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अब दो करोड़ 66 लाख से अधिक हो चुके हैं और इस वायरस से मरने वालों की संख्या आठ लाख 75 हजार से अधिक है, लेकिन अब तक इससे निपटने के लिए कोई कारगर वैक्सीन नहीं बन पाई है।
Coronavirus Vaccine: क्या भारत के लोग खरीद पाएंगे कोरोना वैक्सीन, कितनी होगी कीमत? जानें सबकुछ
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 34 कंपनियां कोरोना वैक्सीन बना रही हैं और इनमें से सात के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल जारी हैं। वहीं तीन कंपनियों की वैक्सीन दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल तक पहुंची हैं। संगठन के अनुसार, और 142 कंपनियां भी वैक्सीन बना रही हैं और अब तक प्री-क्लीनिकल स्तर पर पहुंच पाई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन के अनुसार, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की बनाई वैक्सीन जिसे एस्ट्राजेनेका बड़े पैमाने पर बना रही है, वो अब तक की सबसे उन्नत वैक्सीन है।
बीबीसी स्वास्थ्य और विज्ञान संवाददाता जेम्स गैलाघर कहते हैं कि जानकारों के अनुसार, कोरोना वायरस की वैक्सीन लोगों के लिए 2021 के मध्य तक उपलब्ध होगी। हालांकि, जेम्स ये भी कहते हैं कि कोरोना वायरस परिवार के चार वायरस पहले से ही इंसानों के बीच मौजूद हैं और इनसे बचाव के लिए अब तक कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है। लेकिन कोरोना वैक्सीन बनने की खबरों के बीच वैज्ञानिकों समेत आम लोगों को उम्मीद है कि वैक्सीन कुछ महीनों में आ जाएगी। लेकिन उन्हें अब फिक्र है इसकी कीमत की। वहीं वैज्ञानिकों को फिलहाल चिंता है कि कोरोना वायरस को दूर रखने के लिए वैक्सीन कितनी बार लगानी होगी।
वैक्सीन की कीमत के बारे में अब तक जो पता है
एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन बना रही कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि वो कम कीमत पर लोगों को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराएगी और उसकी कोशिश होगी कि वो इससे लाभ न कमाए। बीते महीने मेक्सिको में कंपनी के प्रमुख ने कहा था कि लातिन अमेरिका में वैक्सीन की कीमत 4 डॉलर प्रति डोज से कम होगी। भारत में इस वैक्सीन को बड़े पैमाने पर बना रहे सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा है कि भारत और विकासशील देशों के लिए इस वैक्सीन की कीमत तीन डॉलर यानी 220 रुपये के करीब होगी।
वहीं, इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यूरोप में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन की कीमत 2.5 यूरो तक हो सकती है। अगस्त में कोरोना वैक्सीन के लिए ऑस्ट्रेलिया ने भी एस्ट्राजेनेका के साथ करार किया है। देश के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का कहना है कि वो अपने सभी नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन मुफ्त में देंगे। इसके लिए सरकार क्या कीमत चुकाएगी इस पर अब तक कुछ कहा नहीं गया है।