आखिर कोरोना वायरस कब खत्म होगा? वैक्सीन कब आएगी और अगर वैक्सीन आ गई तो वो कितना प्रभावी होगी? इन तमाम सवालों के जवाब अब तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। हालांकि वैक्सीन बनाने वाली कुछ कंपनियों का दावा है कि इस साल के अंत तक बाजार में वैक्सीन आ जाएगी, जिसमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन और मॉडर्ना की वैक्सीन शामिल हैं। इन दोनों का दावा है कि उनकी वैक्सीन प्रभावी हैं और कोरोना से लोगों को बचाने में सक्षम हैं। लेकिन इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ. बलराम भार्गव ने वैक्सीन को लेकर कुछ ऐसा कहा है, जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया है कि वैक्सीन किन लोगों पर 100 फीसदी कारगर नहीं होगी।
Coronavirus: ऐसे लोगों पर 100 फीसदी कारगर नहीं होगी वैक्सीन, ICMR डायरेक्टर के बयान ने बढ़ाई चिंता
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दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ. बलराम भार्गव का कहना है कि कोरोना से संक्रमित जो लोग सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं, उनपर कोई भी वैक्सीन 100 फीसदी कारगर नहीं हो सकती। हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि ऐसे मरीजों के लिए वैक्सीन को कारगर बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि 'विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अगर कोई वैक्सीन 50 फीसदी भी कारगर होती है तो उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। हालांकि हम वैक्सीन के 100 फीसदी कारगर होने की बात मानकर चल रहे हैं, लेकिन इसके 50 से 100 फीसदी के बीच ही रहने का अनुमान है।'
स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल कहां तक पहुंचा
भारत बायोटेक और आईसीएमआर (ICMR) के सहयोग से बनाई गई 'कोवैक्सीन' का फिलहाल दूसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। पहले चरण में कुल 12 केंद्रों पर इसका ट्रायल हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के नागपुर में 55 स्वयंसेवकों को वैक्सीन की डोज दी गई थी। इस दौरान कुछ लोगों को वैक्सीन देने के बाद बुखार की समस्या आई थी, लेकिन वो कुछ ही घंटे में ठीक भी हो गए थे। उसके बाद से उनमें किसी भी तरह का कोई साइड-इफेक्ट देखने को नहीं मिला है।
भारत में कब आएगी वैक्सीन?
हाल ही में देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया संडे संवाद प्लेटफॉर्म पर अपने फॉलोवर्स से बात करते हुए बताया था कि कोरोना वैक्सीन अगले साल यानी 2021 की पहली तिमाही में तैयार हो सकती है, लेकिन इसे जारी करने की कोई तारीख निर्धारित नहीं है। उन्होंने कहा था कि वैक्सीन के मानव परीक्षण प्रक्रिया पर सरकार पूरी सावधानी बरत रही है और साथ ही उसकी सुरक्षा, लागत, वितरण, भंडारण और उत्पादन को लेकर भी विचार-विमर्श हो रहा है।