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MP Assembly Session Live: मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस एमएलए हेमंत कटारे को दी नसीहत,बोले-आपकी टिप्पणी हल्की

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 25 Feb 2026 03:31 PM IST
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खास बातें

 MP Vidhan Sabha Session Live News in Hindi: एमपी विधानसभा सत्र के आठवें दिन सिंगरौली में कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई का मुद्दा उठा। इसके अलावा कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे को भाजपा ने घेरा। पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस विधायकों के क्षेत्र में हुए कार्यों के बारे में बताया।  

MP Assembly Budget Session Live Update Discussion on Budget Grant Demands Details in Hindi
मप्र विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

03:58 PM, 25-Feb-2026

सड़कों पर घूम रहा गोवंश बहुत खतरनक

कांग्रेस विधायक देवेंद्र रामनारायण ने कहा कि उनकी विधानसभा में एक भी सड़क को नहीं जोड़ा गया। इस बजट में  युवाओं के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई। युवा रोजगार के लिए पलायन कर रहा है। इनके पलायन को रोकने के लिए योजना में शामिल किया जाना चाहिए। उनके पलायन को रोकने के लिए उद्योग लगाने की योजना को बजट में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहा गोवंश बहुत खतरनक होता जा रहा है।
03:15 PM, 25-Feb-2026

पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस एमएलए हेमंत कटारे को दी नसीहत

सदन में लोकनिर्माण विभाग की अनुदान मांगो पर चर्चा हुई। पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस एमएलए हेमंत कटारे को नसीहत देते हुए कहा कि आपकी टिप्पणियां हल्की होती हैं। मंत्री राकेश सिंह ने कहा, 'कटारे जी आप कितनी बार की विधायक हो ?  मुझे नहीं मालूम। मैं लोकसभा में 8 साल तक व्हिप चीफ रहा हूं। सदन में आप जो भी टिप्पणी करते हैं, वह बहुत हल्की होती हैं। सदन में हास परिहास भी हो सकते हैं, लेकिन उसकी संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए।'  उन्होंने कटारे से यह भी कहा कि कई बार आपकी टिप्पणी हल्की होने से आपको लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं। 

इस दौरान खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि हेमंत कटारे उप नेता प्रतिपक्ष का पद दो साल तक संभाल नहीं पाए और बड़ी बातें करते हैं। इस पर कटारे ने कहा कि यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। यह विवाद तब सामने आया, जब कांग्रेस विधायकों के सदन में बोलने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने उनके क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। दरअसल, विधायक कटारे ने कहा था कि मंत्री यह सब जवाब अपने संबोधन के दौरान अंत में तब दे सकते हैं, जब वे अनुदान मांगों पर अपना जवाब देंगे।

कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने रोड सेफ्टी को लेकर अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि 2003 का आप लोग बहुत हवाला देते हैं। दिल्ली में जवाहर लाल और यहां दिग्विजय सिंह का नाम लेते हैं। पहले की परिस्थितियां अलग थीं।
दिग्विजय सिंह के समय 23 हजार करोड़ का बजट था। पटवा जी के समय में 10 हजार करोड़, शिवराज के समय 40 हजार करोड़ और अब 4 लाख 38 हजार करोड़ है। भोपाल-जबलपुर हाई-वे पर बना फ्लाई ओवर 4 साल में ढह गया है, जो चार साल पहले बना है। ग्वालियर में गढ्ढे में आधी गाड़ी घुस गई है। जबलपुर में निर्माणाधीन पुल ध्वस्त हो गया। ठेकेदार बदल जाते हैं ,नुकसान जनता उठाती है। ठेकेदारों से रिकवरी, इंजीनियर पर कार्रवाई और उनकी जवाबदारी तय की जाए। ठेकेदारों की ब्लैकलिस्टिंग होनी चाहिए। टोल बैरियर में वसूली करने के बाद भी वसूली हो रही है।


 
02:32 PM, 25-Feb-2026

बजट में सपने, जमीन पर गड्ढे: सड़कों की हालत पर कांग्रेस विधायक के सवाल

लोक निर्माण विभाग की बजट अनुदानों की मांगों पर बिछिया से कांग्रेस विधायक नारायण सिंह पट्टा ने कहा कि बजट में विकास का सपना जरूर दिखाया गया है, लेकिन जमीन पर सच्चाई कुछ और है। प्रदेश की सड़कों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। बरसात के मौसम में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं।

उन्होंने कहा कि बजट में हजारों करोड़ रुपये की घोषणाएं की गईं, लेकिन पिछली योजनाओं और घोषणाओं का क्या हुआ? कई पुल आज भी अधूरे पड़े हैं। कितने ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई, यह भी स्पष्ट नहीं है।

जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर आरओबी गिरने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि इसकी जिम्मेदारी किसकी थी और निर्माण की गुणवत्ता कैसी थी? सड़कों की हालत भी इसी तरह चिंताजनक है।

विधायक ने कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। जनता अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सड़कें चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर अधिकारियों का नियंत्रण नहीं रहा है।

02:08 PM, 25-Feb-2026

कांग्रेस विधायक महेश परमार ने उठाए सवाल

विधानसभा सदन में भोपाल के चर्चित 90 डिग्री ब्रिज का मामला जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सवाल उठाते हुए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी की पहचान भ्रष्ट अधिकारी के रूप में है और भोपाल का 90 डिग्री पुल प्रदेश ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

परमार ने तंज कसते हुए कहा कि आखिर किस मानक और किस इंजीनियरिंग के तहत यह पुल बनाया गया। यदि 90 डिग्री का पुल सही है तो संबंधित अधिकारियों को प्रोत्साहित क्यों नहीं किया गया? उन्होंने मांग की कि ऐसे अधिकारियों के नाम सार्वजनिक कर सूची चस्पा की जाए और उन्हें सम्मानित किया जाए।

इस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि 90 डिग्री का ब्रिज होना गलत नहीं है। देश के कई विकसित शहरों और विकसित देशों में भी इस तरह के पुल और सड़कें मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी मानकों के आधार पर ही निर्माण कार्य किया जाता है।

बहस के दौरान परमार ने मेट्रो परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मेट्रो कमलनाथ जी की देन है, लेकिन इंदौर में मेट्रो परियोजना में पार्किंग की व्यवस्था तक नहीं की गई। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या अब गाड़ियों की पार्किंग एआई से करवाई जाएगी? मंत्री राकेश सिंह ने जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि मेट्रो परियोजना पीडब्ल्यूडी विभाग के अंतर्गत नहीं आती और उसका काम अलग एजेंसी के पास है।

01:20 PM, 25-Feb-2026

मोदी-मोहन के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार

अनुदानों की मांग पर सदन में विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि विकसित राज्यों की श्रेणी में मध्य प्रदेश तेजी से अग्रणी प्रदेश बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के वर्ष 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि संकल्प पत्र में एक लाख किलोमीटर सड़कों के निर्माण और 500 से अधिक फ्लाईओवर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर प्रदेश में तेजी से काम जारी है। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों को फोरलेन में परिवर्तित किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

01:00 PM, 25-Feb-2026

फायर सेफ्टी एक्ट बनना चाहिए-विधायक अभिलाष पाण्डेय

विधायक अभिलाष पाण्डेय ने ध्यानकर्षण के तहत कहा कि प्रदेश में आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। फायर सेफ्टी एक्ट नहीं होने से चुनौती बनी हुई है। नियमित फायर ऑडिट होने से लाभ होता है। कानूनी और बीमा दावों में सहायता मिलेती है। उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों में फायर सेफ्टी कानून बना है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि व्यावसायिक परिसर, स्कूल आदि में आग रोकने के लिए प्रयास किये जाते हैं। विभाग के साथ बैठक हुई है।74 वें संविधान संशोधन में नगर पालिकाएं और नगर निगम  को अधिकार दिया गया है। फायर एक्ट बन रहा है। ये 2 से 3 महीने में बन जाएगा।अच्छा कानून बनाएंगे। केंद्र और अन्य राज्यों का भी अध्ययन कर रहें। 5 से 10 मिनट के बीच गाड़ी पहुंच जाएं इसकी तैयारी चल रही है। प्लानिंग चल रही। 
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12:59 PM, 25-Feb-2026

1200 गौशालाओं में बिजली पानी की व्यवस्था नहीं-प्रहलाद पटेल

विधानसभा में मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि पशुओं के लिए पंचायत के अंदर व्यवस्था करनी चाहिए। गौशालाओं के टेंडर हुए थे। गौवंश के लिए रास्ता निकालना चाहिए। इस समय करीब 1200 गौशालाओं में बिजली पानी की व्यवस्था नहीं थी। 400 गौशालाएं अभी भी खाली हैं।

 
12:21 PM, 25-Feb-2026

सदन में निराश्रित पशुओं का मुद्दा: फसलों और हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल

मध्यप्रदेश विधानसभा में निराश्रित पशुओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं और नेशनल हाईवे सहित प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो रहा है।

अजय सिंह राहुल ने आरोप लगाया कि हाईवे पर घूम रहे पशुओं के कारण जान-माल की हानि हो रही है, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते समस्या का ठोस समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में रात के समय गोवंश सड़कों और खेतों में भटकता रहता है, जिससे किसान रातभर टॉर्च लेकर अपनी फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं।

उन्होंने यह भी मांग की कि प्रदेश में कितनी गौशालाएं बंद पड़ी हैं, इसका आंकड़ा सदन में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही विभागीय मंत्री से इस विषय को गंभीरता से लेकर किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की अपील की। इस पर मंत्री लखन पटेल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि नगरीय प्रशासन द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। सड़कों पर घूमने वाले घुमंतू पशुओं के मालिकों पर 25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।

मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश की गौशालाओं में चार लाख से अधिक मवेशी आश्रित हैं। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर जहां पशु एकत्र होते हैं, वहां गौशालाएं चिन्हित की गई हैं तथा हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के कारण होने वाली घटनाओं में कमी लाने के लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है और निराश्रित गोवंश को सम्मानपूर्वक गौशालाओं में रखा जा रहा है।

12:07 PM, 25-Feb-2026

निराश्रित पशुओं से फसल नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठा

विधायक अजय अर्जुन सिंह ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर यातायात बाधित होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति की ओर पशुपालन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को न तो मुआवजा मिल पा रहा है और न ही समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है।

इस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया है तथा संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

12:05 PM, 25-Feb-2026

वन भूमि अतिक्रमण और बाहरी मजदूरों पर विधानसभा में हंगामा

सरोज विकासखंड में बाहरी मजदूरों से काम कराए जाने और वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरोज विकासखंड में स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहर के मजदूरों से कार्य कराया गया, जिसमें अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित समिति में उन्हें भी शामिल किया जाए।

शर्मा ने कहा कि लटेरी और सिरोंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री को आवेदन दिया गया था और एक ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत सामने आई है। उनका आरोप है कि ऐसे मामलों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है और कुछ अधिकारी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वहीं कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री के जवाब को गोलमोल बताते हुए कहा कि दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण वे रिहा हो गए।

इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जहां स्थानीय स्तर पर मजदूर उपलब्ध नहीं होते, वहां बाहर से मजदूर बुलाना आवश्यक हो जाता है। पौधों के मूल्यांकन के लिए बाहरी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
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