West Asia LIVE: इराक पर ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले, ईरान की कार्रवाई के बाद इरबिल में कई धमाके सुने गए
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Tue, 28 Jul 2026 08:38 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 28 Jul 2026 08:38 AM IST
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पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात
- फोटो : एजेंसी-अमर उजाला ग्राफिक्स
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08:30 AM, 28-Jul-2026
ईरान को रूस की मदद का असर नहीं: ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर रूस ने अमेरिका के खिलाफ जारी संघर्ष में ईरान की किसी भी तरह मदद की है, तो उसका कोई खास असर नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस बारे में पूछेंगे।यह बयान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के हालिया आरोपों के बाद आया है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया था कि रूस अमेरिका के सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों के ठिकानों पर हमले करने के लिए ईरान को उपग्रह से जुड़ी खुफिया जानकारी दे रहा है। जेलेंस्की ने यह भी बताया था कि रूस अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए उत्तर कोरिया से 30 हजार सैनिक लेने की तैयारी कर रहा है।
एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को बहुत नुकसान पहुंचाया है और संघर्ष में अपनी ताकत दिखाई है। उन्होंने कहा कि अगर रूस ईरान की मदद कर भी रहा है, तब भी ईरान कमजोर हो रहा है।
ट्रंप ने कहा, हम पता लगाएंगे कि यह सच है या नहीं। मैं इस बारे में पुतिन से पूछूंगा। हम पता लगाएंगे। उन्होंने कहा, इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि हमने ईरान को बहुत नुकसान पहुंचाया है। हो सकता है कि वे मदद कर रहे हों, लेकिन अगर ऐसा है तो भी यह काम नहीं आया, क्योंकि उनके पास न सेना है, न वायुसेना है, न नौसेना है और उनके पास कुछ भी नहीं है।
08:20 AM, 28-Jul-2026
हूती और सऊदी अरब के बीच संघर्ष में अमेरिका अभी शामिल नहीं: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष को लेकर अमेरिका की स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका इस मामले में शामिल नहीं है, लेकिन अगर कोई समस्या होती है तो भविष्य में दखल दिया जा सकता है।एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका सऊदी अरब के साथ बातचीत कर रहा है। यह बातचीत दोनों देशों के बीच होने वाले असैन्य परमाणु समझौते को लेकर चल रही है। लेकिन अगर कोई समस्या होती है, तो हम ऐसा कर सकते हैं। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें कोई संकेत मिला है कि उनकी शर्त के अनुसार सऊदी अरब अब्राहम समझौते में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, हमने इस बारे में बात नहीं की है।
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08:19 AM, 28-Jul-2026
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ड्रोन रोकने के दावे को बताया झूठा
यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सऊदी अरब पर आरोप लगाया कि वह अपने तेल ठिकानों को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन को रोकने के बाद अपनी नाकामी को छिपाने की कोशिश कर रहा है।यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा के निदेशक मंडल के अध्यक्ष नसरूद्दीन आमेर ने एक्स पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र का हवाला दिया। इस सूत्र ने सऊदी अरब के दावों को उसकी वायु रक्षा प्रणाली की नाकामी छिपाने की कोशिश बताया।
सूत्र के अनुसार, सऊदी अरब के रक्षा और विदेश मंत्रालय के बयान केवल इसलिए आए, ताकि वह अपनी रक्षा प्रणाली की उस नाकामी को छिपा सके, जो यमनी ड्रोन को पहचानने और उन्हें रोकने में असफल रही। सूत्र ने दावा किया कि यमनी ड्रोन अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में सफल रहे। सूत्र ने कहा कि यमन ने तनाव कम करने की अवधि के दौरान भी सऊदी अरब के हमलों और उल्लंघनों को झेला है। उसने रियाद से यमन की संप्रभुता का सम्मान करने की मांग की।
आमेर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सऊदी अरब को यमनी लोगों की घेराबंदी खत्म करनी चाहिए, हवाई अड्डे और बंदरगाह खोलने चाहिए, व्यापार को आसान बनाना चाहिए, कैदियों को रिहा करना चाहिए, यमन की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए और तेल संपदा से होने वाली आय का इस्तेमाल वेतन देने और बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए करने देना चाहिए।
सऊदी अरब ने ड्रोन हमले को लेकर क्या कहा था?
हूती विद्रोहियों के इन दावों से पहले सोमवार को सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी किया था। सऊदी रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने एक्स पर बताया कि वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी क्षेत्र और रियाद में तेल ठिकानों को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया।
अल-मलिकी ने कहा कि ये आतंकी कोशिशें इराकी क्षेत्र से शुरू की गई थीं और इन्हें ईरान समर्थित आतंकी समूहों ने अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा और क्षमताओं की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह सही समय और जगह पर जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
08:06 AM, 28-Jul-2026
West Asia LIVE: इराक पर ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले, ईरान की कार्रवाई के बाद इरबिल में कई धमाके सुने गए
इराक के उत्तरी एरबिल शहर में मंगलवार सुबह कई धमाकों की आवाज सुनाई दी। इनमें से कुछ धमाके अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास भी हुए। यह घटना ऐसे समय हुई, जब ईरानी ड्रोन ने इलाके में कई जगहों को निशाना बनाया।अल जजीरा ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान के कम से कम चार ड्रोन ने इराक के उत्तरी हिस्से में स्थित खलीफान और सोरान इलाकों को निशाना बनाया। ये दोनों जगहें एरबिल के उत्तर-पूर्व में स्थित हैं।
हमले के बाद निशाना बनाए गए इलाकों और उनके आसपास भीषण आग लग गई। पुलिस ने बताया कि दो ड्रोन हमले वाली जगहों के पास गिर गए। अल जजीरा ने इराकी स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि एरबिल में कम से कम सात धमाकों की आवाज सुनी गई। इनमें से कुछ धमाके अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के आसपास के इलाकों में भी हुए। ईरानी ड्रोन हमले की आशंका के बाद पुलिस सूत्रों ने अल जजीरा को बताया कि एरबिल के ऊपर 10 से ज्यादा अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ते हुए देखे गए।
इसके अलावा, ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने इराकी सूत्रों के हवाले से बताया कि अनबार प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को नष्ट कर दिया गया। स्थानीय मीडिया ने हदीथा बांध के पास अमेरिकी ड्रोन के गिरने की तस्वीरें भी प्रकाशित कीं। इन हमलों के साथ इराक के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गईं। आईआरआईबी के अनुसार, सुलेमानिया में स्थित खोर मोर गैस क्षेत्र पर भी हमला किया गया।