ट्रंप ने फिर छेड़ी EV बनाम पेट्रोल कार की बहस?: पूर्व राष्ट्रपति बाइडन की नीति पर साधा निशाना, दी बड़ी चेतावनी
Donald Trump on EV Policy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को इलेक्ट्रिक या पेट्रोल-डीजल कार चुनने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए और बाइडन की EV नीति को ऑटो उद्योग के लिए नुकसानदायक बताया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक और इंटरनल कंबशन इंजन (पेट्रोल-डीजल) वाले वाहनों में अपनी पसंद से चुनाव करने की पूरी आजादी होनी चाहिए। ट्रंप का दावा है कि उनकी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की EV नीति और ईंधन दक्षता मानकों को समाप्त कर अमेरिकी ऑटो उद्योग को नुकसान से बचाया।
ट्रंप ने EV नीति पर क्या कहा?
मिशिगन में जनरल मोटर्स के मिलफोर्ड प्रूविंग ग्राउंड के दौरे के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के पहले दिन ही बाइडन की इलेक्ट्रिक वाहन नीति को खत्म कर दिया था। उनके अनुसार, यदि वह नीति जारी रहती तो अमेरिकी ऑटो उद्योग को भारी नुकसान होता।
उन्होंने कहा कि यदि कोई इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहता है तो उसके लिए विकल्प मौजूद हैं, लेकिन यदि कोई पेट्रोल-डीजल या अन्य प्रकार का वाहन खरीदना चाहता है तो उसे भी वही स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
रोजगार को लेकर ट्रंप ने क्या चिंता जताई?
ट्रंप ने कहा कि इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण में पारंपरिक वाहनों की तुलना में कम कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि इससे मिशिगन जैसे उन राज्यों में रोजगार प्रभावित हो सकता है, जहां बड़ी संख्या में लोग ऑटोमोबाइल उद्योग पर निर्भर हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने बाइडन प्रशासन के कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी (CAFE) मानकों को भी समाप्त कर दिया। उनके अनुसार, ये मानक अमेरिकी वाहन कंपनियों को दिवालिया होने की ओर ले जा सकते थे और इंटरनल कंबशन इंजन वाले वाहनों के भविष्य पर भी खतरा पैदा कर सकते थे। उन्होंने कहा कि जब तक वह राष्ट्रपति हैं, ऐसा नहीं होने देंगे।
टैरिफ और घरेलू उत्पादन पर क्या बोले?
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने अमेरिका के बाहर बनने वाले वाहनों और ट्रकों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जबकि देश में निर्मित वाहनों पर यह लागू नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से कंपनियां अमेरिका में उत्पादन बढ़ा रही हैं।
उन्होंने जनरल मोटर्स की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने 2026 में ट्रक और एसयूवी उत्पादन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की है और पिछले दो वर्षों में अमेरिका में फैक्ट्रियां वापस लाने के लिए 9 अरब डॉलर का निवेश किया है।
बाइडन प्रशासन की नीति क्या थी?
बाइडन प्रशासन ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्सर्जन और ईंधन दक्षता से जुड़े कड़े मानक लागू किए थे। इन नीतियों में सभी नए वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाना अनिवार्य नहीं था, लेकिन इलेक्ट्रिक और कम उत्सर्जन वाले वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
अमेरिका की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में बदलाव का असर केवल अमेरिकी बाजार तक सीमित नहीं माना जा रहा है। वैश्विक वाहन निर्माता और पुर्ज़ा आपूर्तिकर्ता, जिनमें भारत में काम करने वाली कंपनियां भी शामिल हैं, निवेश संबंधी फैसले उत्सर्जन नियमों, बैटरी की मांग और अमेरिकी बाजार तक पहुंच को ध्यान में रखकर लेते हैं।