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जेल में खेल : 10 टेंडर... दर्जनों कंपनियां, मेहरबानी सिर्फ एक पर, बड़ी अनियमितता की आशंका, जांच के आदेश

सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 15 Jan 2026 02:38 PM IST
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सार

जेल में खाद्य तेल और मसालों के टेंडर जारी करने के मामले में अनियमितता की आशंका को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, डीजी ने जानकारी न होने की बात कही है।

10 tenders... dozens of companies, favors only one, major irregularities suspected
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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जेल में खाद्य तेल और मसालों के टेंडरों में बड़ा खेल किया गया। चहेती कंपनी को दस टेंडर आवंटित कर दिए गए। पूरी टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में हैं। मामले में बड़ी अनियमितता की आशंका है। शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। कारागार विभाग ने पिछले साल खाद्य पदार्थ मसाले व तेल के 9 व एक विद्युत यांत्रिकी समेत कुल दस टेंडर निकाले थे। सभी टेंडर की टेक्निकल बिड में शिव शक्ति इंटरप्राइजेज, एमजी ऑर्गेनाइजेशन और राजमाता इंफ्राकॉन प्रा. लि. कंपनियां क्वालीफाई हुईं। उसके बाद फाइनेंशियल बिड में मेसर्स शिव शक्ति इंटरप्राइजेज क्वालीफाई हुई। इसी कंपनी को सभी दस टेंडर आवंटित कर दिए गए। इसलिए ये पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।

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शक्तिशाली निकली शक्ति
हल्दी आपूर्ति के टेंडर में टेक्निकल बिड में 11 कंपनियां थीं। कालीमिर्च आपूर्ति में 12, बड़ी इलायची और लाल मिर्च में 13-13 व सरसों के तेल में 15 कंपनियां शामिल हुई थीं। सभी में मेसर्स शिव शक्ति इंटरप्राइजेज, एमजी ऑर्गेनाइजेशन और राजमाता इंफ्राकॉन ही क्वालीफाई हुई। आखिर में सभी में शिव शक्ति इंटरप्राइजेज को टेंडर आवंटित हो गया। अन्य पांच में भी यही खेल सामने आया। इसके अलावा अन्य सभी कंपनियों को डिसक्वालीफाई कर दिया गया।
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30 मिनट बाद खुल गए टेंडर: टेंडर में आवेदन करने की समयसीमा 23 अक्तूबर 2025 की रात आठ बजे समाप्त हुई थी। मात्र आधे घंटे बाद रात 8:30 बजे ये सभी टेंडर खुल गए। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतनी जल्दी टेंडर क्यों खोले गए।

सवालों के घेरे में ये टेंडर
जो दस टेंडर सवालों के घेरे में उनमें बिड
नंबर-जीईएम/2025/बी/682/313, विड नंबर-जीईएम/2025/बी/6777913,
6777238, 6777801, 6777391,
6777462, 6777536, 6777627,
6777738, 6777858 शामिल हैं।

डीजी बोले... जानकारी नहीं
मामले में एक विधायक ने शासन को लिखित शिकायत की जिसमें इन टेंडरों में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए। शासन ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद संयुक्त सचिव सूर्य प्रकाश मिश्रा ने 16 दिसंबर 2025 को डीजी कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा को पत्र लिखकर मामले की जांच करने के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट भी मांगी है। हालांकि डीजी जेल पीसी मीणा का कहना है कि ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है।

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