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अखिलेश बोले: भाजपा ने महिला आरक्षण के बहाने की थी परिसीमन की साजिश, सपा ने पारित किया अति निंदा प्रस्ताव
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 29 Apr 2026 09:49 PM IST
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सार
Akhilesh Yadav: सपा विधायक दल की बैठक ने अपने को सदन में परिवर्तित करते हुए महिला आरक्षण पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र पर निंदा प्रस्ताव पास किया।
पत्रकारों से बात करते सपा प्रमुख।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सपा विधानमंडल दल की बैठक में महिला आरक्षण के बहाने परिसीमन की कथित साजिश के खिलाफ अति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय ने निंदा प्रस्ताव पारित घोषित किया।
अति निंदा प्रस्ताव में कहा गया है कि हम केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं। जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण करना।
हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठ फैला रही है कि यह बिल विपक्ष ने पास नहीं होने दिया। जबकि, यह बिल सभी दलों ने मिलकर पास किया था और जो बिल पास नहीं हो सका वो दरअसल परिसीमन बिल था। भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है।
नारी वंदन का ढोंग रचने वाली भाजपाई सोच वस्तुतः नारी विरोधी है। भाजपा उस वातावरण को बनने नहीं देना चाहती, जहां नारी-पुरुष की समानता की बात हो। हमारे देश में भगवानों के नाम में स्त्री-पुरुष के साथ-साथ नाम लेने की स्वस्थ परंपरा को भी इन्होंने तोड़ा है। हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा नारी को नारा बनाना चाहती है, जिससे सच में उन्हें अधिकार न देकर केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक रचा जा सके।
सपा की महिला विधायकों में दिखा गुस्सा
सपा विधायक दल की बैठक ने अपने को सदन में परिवर्तित करते हुए महिला आरक्षण पर 30 अप्रैल 2026 को आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव के विरोध में अति निंदा प्रस्ताव बहुमत से पारित किया। महिला विधायकों ने एक स्वर में अति निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया। नेता विरोधी दल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने निंदा प्रस्ताव पर विधायकों की राय जानने के बाद हां के पक्ष में बहुमत घोषित करते हुए इसे पारित घोषित कर दिया।
गीता पासी ने सर्वप्रथम चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भाजपा के असली मंसूबे सामने आ चुके हैं। विधायक पिंकी यादव ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिलाओं की आड़ में परिसीमन बिल लाई। सैय्यदा खातून, इंद्राणी वर्मा और रेखा वर्मा ने कहा कि भाजपा नारी को आजादी नहीं देना चाहती है। विधायक डॉ. रागिनी सोनकर, मारिया शाह, व नसीम सोलंकी ने कहा कि भाजपा के लोग कभी पहलगाम की विधवा का अपमान करते हैं, कभी हाथरस, गाजीपुर की बेटी का।
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अति निंदा प्रस्ताव में कहा गया है कि हम केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं। जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण करना।
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हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठ फैला रही है कि यह बिल विपक्ष ने पास नहीं होने दिया। जबकि, यह बिल सभी दलों ने मिलकर पास किया था और जो बिल पास नहीं हो सका वो दरअसल परिसीमन बिल था। भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है।
नारी वंदन का ढोंग रचने वाली भाजपाई सोच वस्तुतः नारी विरोधी है। भाजपा उस वातावरण को बनने नहीं देना चाहती, जहां नारी-पुरुष की समानता की बात हो। हमारे देश में भगवानों के नाम में स्त्री-पुरुष के साथ-साथ नाम लेने की स्वस्थ परंपरा को भी इन्होंने तोड़ा है। हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा नारी को नारा बनाना चाहती है, जिससे सच में उन्हें अधिकार न देकर केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक रचा जा सके।
सपा की महिला विधायकों में दिखा गुस्सा
सपा विधायक दल की बैठक ने अपने को सदन में परिवर्तित करते हुए महिला आरक्षण पर 30 अप्रैल 2026 को आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव के विरोध में अति निंदा प्रस्ताव बहुमत से पारित किया। महिला विधायकों ने एक स्वर में अति निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया। नेता विरोधी दल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने निंदा प्रस्ताव पर विधायकों की राय जानने के बाद हां के पक्ष में बहुमत घोषित करते हुए इसे पारित घोषित कर दिया।
गीता पासी ने सर्वप्रथम चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भाजपा के असली मंसूबे सामने आ चुके हैं। विधायक पिंकी यादव ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिलाओं की आड़ में परिसीमन बिल लाई। सैय्यदा खातून, इंद्राणी वर्मा और रेखा वर्मा ने कहा कि भाजपा नारी को आजादी नहीं देना चाहती है। विधायक डॉ. रागिनी सोनकर, मारिया शाह, व नसीम सोलंकी ने कहा कि भाजपा के लोग कभी पहलगाम की विधवा का अपमान करते हैं, कभी हाथरस, गाजीपुर की बेटी का।
