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एकेटीयू ने कोरोना से बचाव के लिए विकसित किया रोबोट, थर्मल स्क्रीनिंग कर जारी करेगा एंट्री पास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 15 Jul 2020 06:16 PM IST
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एकेटीयू द्वारा निर्मित रोबोट व कैश सैनिटाइजर मशीन।
- फोटो : amar ujala
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डॉ अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय में प्रवेश से पहले यहां गेट पर रोबोट लोगाें की थर्मल स्क्रीनिंग करेगा। कोरोना के लक्षण से जुड़े सवाल पूछेगा और नाम, मोबाइल नंबर लेकर गेट पास भी जारी करेगा।
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संस्थान के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (केस) के डॉ. अनुज शर्मा, अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. आलोक मिश्रा, शेखर टंडन और शिवम ने मिलकर ऑटो कोविड-19 स्क्रीन बॉट मशीन (रोबोट) बनाई है। यह संस्थान के गेट पर लगाई जाएगी।
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यह बॉट मानव रहित पूरी तरह ऑटोमेटेड एक लो कॉस्ट रोबोट है। यह कोविड-19 की स्क्रीनिंग करने में सक्षम है। इस टीम को बधाई देते हुए एकेटीयू वीसी प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा है कि विवि कोविड 19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लगातार शोध कर रहा है। रैपिड करेंसी सैनिटाइजर मशीन और रोबोट एक और सकारात्मक पहल है।
डॉ. अनुज ने बताया कि लोगों को परिसर में प्रवेश से बॉट के सामने जाना होगा। बॉट उनसे कुछ व्यक्तिगत सूचनाएं पूछेगा। उसके बात थर्मल स्क्रीनिंग कर तापमान की जांच करेगा। इसके बाद कोरोना के लक्षणों से जुड़े सवाल करेगा। सबकुछ सामान्य रहा तो बॉट एंट्री टोकन देगा। शरीर का टेम्प्रेचर अधिक होगा तो टोकन नहीं मिलेगा। बॉट से हुई स्क्रीनिंग का डेटा सुरक्षित रखा जाएगा।
नोटों के संक्रमण से बचाएगी रैपिड करेंसी सैनिटाइजर मशीन
एकेटीयू के ही सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में डॉ. अनुज शर्मा एवं शोध छात्र महीप सिंह ने रैपिड करेंसी सैनिटाइजर एवं डिसइंफेक्शन मशीन विकसित की है। डॉ. अनुज ने बताया कि यह मशीन 200 नोट प्रति मिनट गिनने के साथ सैनिटाइज भी करती है। मशीन में यूवी रेज और एयरोसोल की प्रक्रिया से सैनिटाइजेशन होता है। दावा है कि अभी तक बाजार में इतनी तेजी से नोटों को काउंट कर सैनिटाइज करने वाली मशीन नहीं है।

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