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Amar Ujala Samvad: युवाओं के लिए डिग्री जितनी जरुरी स्किल भी, स्कूली एजुकेशन में हो स्किल डेवपलमेंट
Mon, 26 Feb 2024 12:49 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला टीम डिजिटल, लखनऊ
अमर उजाला टीम डिजिटल, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 26 Feb 2024 12:49 PM IST
सार
अमर उजाला संवाद में बात करते हुए स्किल डेवलमेंट विभाग के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि युवाओं को यह बात समझनी चाहिए कि डिग्री जितना महत्व ही स्किल डेवलपमेंट का हो।
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Amar Ujala Samvad
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला संवाद के चौथे सेशन में स्किल डेवलमेंट विभाग के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने हिस्सा लिया। 'युवाओं के विकास की बात' नाम के सेशन में उन्होंने स्कूली और कॉलेज एजुकेशन में स्किल के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिग्री का कॉस्पेंट बदलने की जरूरत है। पढ़े लिखे होने का मतलब सिर्फ डिग्री पाना नहीं होना चाहिए।
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अतुल तिवारी ने कहा कि स्किल को एजुकेशन के साथ जोड़ना जरुरी है। बीते सालों में हुआ ये कि डिग्री को ज्यादा महत्व मिला, स्किल को कम। लोग डिग्री के पीछे दौड़ते रहे। यह सोच बदलनी चाहिए। डिग्री की जरुरत है लेकिन डिग्री के साथ स्किलफुल होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूल का सिलेबस ऐसा तैयार हो जहां बच्चा स्कूल के दौरान ही स्किल से भर जाए। उसके अंदर अपनी रुचि की स्किल डेवलप हो और उसे स्कूल में निखारा जा सके।
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आईटीआई को सुधारने का काम
अतुल तिवारी ने कहा कि आईटीआई में हमने बड़ा बदलाव किया है। फिटर और मैकेनिकल जैसे ट्रेड के सेलेबस में बदलाव आया है। सिर्फ सेलेबस के स्तर पर नहीं बल्कि प्रैक्टिकल तौर पर बच्चा स्किलफुल हो सके। तेजी से बदल रही तकनीकी का इस्तेमाल भी हमने स्किल देने में इस्तेमाल किया है। इसके लिए एक ऐप भी डेवलप किया जा रहा है। जिसमें अपनी योग्यता डालने पर वह ऐप बताता है कि वह किसी काम के लिए फिट हैं। योग्यता के अनुसार स्किल देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एजुकेशन सेक्टर में यदि बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जाए जो उनको स्किलफुल बना सके। जब वह पढ़ाई करके निकले तो वह सिर्फ पढ़े लिखे ना हों बल्कि उसमें काबिल भी हों।
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