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Lucknow News: 16 से एयरपोर्ट पर बढ़ेगी विमानों की संख्या, एयरलाइन कर रहीं रिशेड्यूलिंग
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लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट पर रनवे मरम्मत के काम में 16 जुलाई से दो घंटे की कटौती होगी। इससे विमानों के संचालन को बढ़ाया जा सकेगा। एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से एयरलाइनों को इस बाबत सूचित कर दिया गया है। दिल्ली व मुंबई रूट की उड़ानें बढ़ सकती हैं।
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय पर पहली मार्च से दिन की उड़ानों को बंद कर दिया गया था। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक की उड़ानों का संचालन नहीं हो रहा है। इस दौरान अमौसी एयरपोर्ट पर तीन प्रमुख कार्य कराए जा रहे हैं। समानांतर टैक्सी वे, एजीएल सिस्टम अपग्रेडेशन व रनवे की रिकारपेटिंग। इन कामों के पूरा हो जाने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ जाएगी। विमानों का संचालन आसान व सुरक्षित हो जाएगा। एयरपोर्ट प्रवक्ता ने बताया कि 15 जुलाई तक सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक निर्माण व मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। इसके बाद 16 जुलाई से 15 अगस्त तक सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक कार्य होंगे। मरम्मत व निर्माण कार्यों के समय में दो घंटे की कटौती होने से विमान संचालन को बढ़ावा मिलेगा। इन दो घंटों में दिल्ली, मुंबई आदि रूटों की उड़ानें बढ़ाई जा सकती हैं। इस बाबत एयरलाइनों को सूचित किया गया है, जो शेड्यूल तैयार कर रही हैं।
समानांतर टैक्सीवे बढ़ाएगा क्षमता
एयरपोर्ट पर मौजूदा रनवे की लंबाई 2,744 मीटर व चौड़ाई 45 मीटर है। ऐसे में इस रनवे के समानांतर एक टैक्सी-वे(पी-9) बनाया जा रहा है। विमानों को लैंडिंग के बाद टैक्सीवे पर लाया जाता है, जिससे रनवे खाली होने पर दूसरी फ्लाइट लैंड व टेकऑफ करती है। समानांतर टैक्सीवे बन जाने से विमानों को आसानी से रनवे पर लाया व हटाया जा सकेगा, जिससे विमानों का संचालन तीव्र व सुगम हो सकेगा। इससे सुरक्षा भी बढ़ती है।
सात साल बाद हो रही रनवे रिकारपेटिंग
एयरपोर्ट पर रनवे की रिकार्पेटिंग(मेंटीनेंस) वर्ष 2018 में हुई थी। रिकारपेटिंग के दौरान दौरान रनवे की मौजूदा परत हटाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप डामर की नई परत चढ़ाने का काम हो रहा है। इससे रनवे पर लैंड व टेकऑफ करने वाले विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंकाएं खत्म हो जाएंगी। रनवे और टैक्सी वे सहित कुल 1.80 लाख वर्ग मीटर में रिकार्पेटिंग की जाएगी।
उन्नत एजीएल सिस्टम से बचेगी बिजली
एजीएल सिस्टम को उन्नत बनाने का काम भी हो रहा है। एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग(एजीएल) सिस्टम में हेलोजन को एलईडी में बदलने, एयरफील्ड साइनेज के उन्नयन के कार्य हो रहे हैं। इससे रनवे बेहतर हो जाएगा। रात में विमानों की लैंडिंग सुरक्षित व आसान होगी। इतना ही नहीं एलईडी लगने से 50 प्रतिशत तक बिजली खपत भी कम हो जाएगी।
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समानांतर टैक्सीवे बढ़ाएगा क्षमता
एयरपोर्ट पर मौजूदा रनवे की लंबाई 2,744 मीटर व चौड़ाई 45 मीटर है। ऐसे में इस रनवे के समानांतर एक टैक्सी-वे(पी-9) बनाया जा रहा है। विमानों को लैंडिंग के बाद टैक्सीवे पर लाया जाता है, जिससे रनवे खाली होने पर दूसरी फ्लाइट लैंड व टेकऑफ करती है। समानांतर टैक्सीवे बन जाने से विमानों को आसानी से रनवे पर लाया व हटाया जा सकेगा, जिससे विमानों का संचालन तीव्र व सुगम हो सकेगा। इससे सुरक्षा भी बढ़ती है।
सात साल बाद हो रही रनवे रिकारपेटिंग
एयरपोर्ट पर रनवे की रिकार्पेटिंग(मेंटीनेंस) वर्ष 2018 में हुई थी। रिकारपेटिंग के दौरान दौरान रनवे की मौजूदा परत हटाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप डामर की नई परत चढ़ाने का काम हो रहा है। इससे रनवे पर लैंड व टेकऑफ करने वाले विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंकाएं खत्म हो जाएंगी। रनवे और टैक्सी वे सहित कुल 1.80 लाख वर्ग मीटर में रिकार्पेटिंग की जाएगी।
उन्नत एजीएल सिस्टम से बचेगी बिजली
एजीएल सिस्टम को उन्नत बनाने का काम भी हो रहा है। एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग(एजीएल) सिस्टम में हेलोजन को एलईडी में बदलने, एयरफील्ड साइनेज के उन्नयन के कार्य हो रहे हैं। इससे रनवे बेहतर हो जाएगा। रात में विमानों की लैंडिंग सुरक्षित व आसान होगी। इतना ही नहीं एलईडी लगने से 50 प्रतिशत तक बिजली खपत भी कम हो जाएगी।