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अयोध्या: चढ़ावा चोरी के बाद अब बदलेगी ट्रस्ट के काम करने की रणनीति, सीईओ की होगी ये जिम्मेदारी
Thu, 03 Sep 2026 06:47 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:47 AM IST
सार
Ram Mandir Trust: ट्रस्ट फिलहाल इसी अधिकार-विभाजन को स्पष्ट करने पर काम कर रहा है, ताकि महामंत्री और सीईओ के बीच भविष्य में अधिकारों का टकराव न हो।
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विस्तार
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की गई है। सीईओ को ट्रस्ट का पेशेवर प्रशासनिक हाथ माना जा सकता है, लेकिन वह ट्रस्ट का स्थान नहीं लेगा। महामंत्री की ओर से तय नीतियों के अनुसार सीईओ काम करेगा। इसलिए व्यवस्था का संभावित मॉडल ट्रस्ट नीति बनाएगा और सीईओ उसे जमीन पर लागू कराएगा।
ट्रस्ट फिलहाल इसी अधिकार-विभाजन को स्पष्ट करने पर काम कर रहा है, ताकि महामंत्री और सीईओ के बीच भविष्य में अधिकारों का टकराव न हो। यानी सीईओ की सबसे बड़ी ताकत स्वतंत्र नीतिगत फैसले लेना नहीं, बल्कि राम मंदिर की विशाल और लगातार बढ़ती व्यवस्थाओं को एक पेशेवर प्रशासनिक सिस्टम के तहत चलाना होगा। प्रस्तावित व्यवस्था में सीईओ को ट्रस्ट से ऊपर स्वतंत्र निर्णय लेने वाली संस्था नहीं बनाया जाएगा। नीतिगत और बड़े वित्तीय फैसलों का अंतिम अधिकार ट्रस्ट के पास रहेगा, जबकि ट्रस्ट के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कराने और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी सीईओ की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सीईओ सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेगा।
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ट्रस्ट फिलहाल इसी अधिकार-विभाजन को स्पष्ट करने पर काम कर रहा है, ताकि महामंत्री और सीईओ के बीच भविष्य में अधिकारों का टकराव न हो। यानी सीईओ की सबसे बड़ी ताकत स्वतंत्र नीतिगत फैसले लेना नहीं, बल्कि राम मंदिर की विशाल और लगातार बढ़ती व्यवस्थाओं को एक पेशेवर प्रशासनिक सिस्टम के तहत चलाना होगा। प्रस्तावित व्यवस्था में सीईओ को ट्रस्ट से ऊपर स्वतंत्र निर्णय लेने वाली संस्था नहीं बनाया जाएगा। नीतिगत और बड़े वित्तीय फैसलों का अंतिम अधिकार ट्रस्ट के पास रहेगा, जबकि ट्रस्ट के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कराने और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी सीईओ की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सीईओ सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेगा।
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सीईओ के पास होंगी ये प्रमुख जिम्मेदारियां
दर्शन और श्रद्धालु सुविधाएं : प्रवेश, दर्शन, कतार प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधा, परिसर की स्वच्छता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की निगरानी।
मानव संसाधन प्रबंधन : कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, ड्यूटी व्यवस्था, मानव संसाधन और विभागीय समन्वय को व्यवस्थित करना।
वित्तीय पारदर्शिता : दान-चढ़ावे, खर्च, खरीद और परियोजनाओं में तय प्रक्रियाओं का पालन तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना। बड़े वित्तीय निर्णयों की मंजूरी ट्रस्ट के स्तर पर ही रहेगी।
सरकारी एजेंसियों से तालमेल : मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं के साथ पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
विकास परियोजनाओं की निगरानी : मंदिर परिसर और उससे जुड़ी सुविधाओं के विकास कार्यों की प्रगति, एजेंसियों के साथ समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर नजर रखना।
बड़े आयोजनों की तैयारी : रामनवमी, दीपोत्सव, जन्माष्टमी जैसे अवसरों पर बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर पहले से व्यवस्थाएं तैयार कराना और सभी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना।
मानव संसाधन प्रबंधन : कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, ड्यूटी व्यवस्था, मानव संसाधन और विभागीय समन्वय को व्यवस्थित करना।
वित्तीय पारदर्शिता : दान-चढ़ावे, खर्च, खरीद और परियोजनाओं में तय प्रक्रियाओं का पालन तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना। बड़े वित्तीय निर्णयों की मंजूरी ट्रस्ट के स्तर पर ही रहेगी।
सरकारी एजेंसियों से तालमेल : मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं के साथ पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
विकास परियोजनाओं की निगरानी : मंदिर परिसर और उससे जुड़ी सुविधाओं के विकास कार्यों की प्रगति, एजेंसियों के साथ समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर नजर रखना।
बड़े आयोजनों की तैयारी : रामनवमी, दीपोत्सव, जन्माष्टमी जैसे अवसरों पर बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर पहले से व्यवस्थाएं तैयार कराना और सभी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना।
राम मंदिर के मुख्य और स्थायी सदस्य
के. परासरन: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य।
महंत नृत्य गोपाल दास : अध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज : महामंत्री/महासचिव।
कृष्ण मोहन : सदस्य।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज : सदस्य (प्रयागराज)
जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज : सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)
युगपुरुष परमानंद जी महाराज : सदस्य (हरिद्वार)।
महंत दिनेंद्र दास : सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
निर्मला यादव : नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
मदन मोहन पांडेय : नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
महेश भागचंदका : कोषाध्यक्ष (दिल्ली)।
पदेन और सरकारी सदस्य
नृपेंद्र मिश्रा: अध्यक्ष, मंदिर निर्माण समिति।
प्रशांत लोखंडे : केंद्र सरकार के प्रतिनिधि।
संजय प्रसाद : उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि।
शशांक त्रिपाठी : जिलाधिकारी अयोध्या।
महंत नृत्य गोपाल दास : अध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज : महामंत्री/महासचिव।
कृष्ण मोहन : सदस्य।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज : सदस्य (प्रयागराज)
जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज : सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)
युगपुरुष परमानंद जी महाराज : सदस्य (हरिद्वार)।
महंत दिनेंद्र दास : सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
निर्मला यादव : नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
मदन मोहन पांडेय : नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
महेश भागचंदका : कोषाध्यक्ष (दिल्ली)।
पदेन और सरकारी सदस्य
नृपेंद्र मिश्रा: अध्यक्ष, मंदिर निर्माण समिति।
प्रशांत लोखंडे : केंद्र सरकार के प्रतिनिधि।
संजय प्रसाद : उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि।
शशांक त्रिपाठी : जिलाधिकारी अयोध्या।