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अयोध्या: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज राम नगरी में, सात हजार मेहमानों के समक्ष करेंगी राम यंत्र की स्थापना

अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 19 Mar 2026 07:37 AM IST
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सार

President Draupadi Murmu in Ayodhya: बृहस्पतिवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक नए इतिहास का साक्षी बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर अभिजीत मुहूर्त में 11:55 बजे श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। 

Ayodhya: The President will create history by installing the Ram Yantra, with seven thousand distinguished g
राष्ट्रपति का अयोध्या दौरा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

 वर्ष प्रतिपदा के शुभ क्षण में बृहस्पतिवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक नए इतिहास का साक्षी बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर अभिजीत मुहूर्त में 11:55 बजे श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन करेंगी। समारोह का साक्षी बनने के लिए करीब सात हजार मेहमान मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति का आगमन सुबह लगभग 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होगा। यहां से वह सड़क मार्ग से आद्य शंकराचार्य द्वार (गेट नंबर 11) के जरिये मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगी। अयोध्या में उनका प्रवास लगभग चार घंटे का रहेगा। अयोध्या में भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। यह डायवर्जन बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे तक लागू रहेगा।

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श्रीराम यंत्र पूजन के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य उपस्थित रहेंगे। श्रीराम यंत्र स्थापना के बाद राष्ट्रपति प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार का दर्शन-पूजन एवं आरती करेंगी। इसके बाद वह सप्तमंडपम में स्थापित महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज के मंदिरों में दर्शन करेंगी। इस क्रम को सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के सम्मान के प्रतीक के रूप में एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति मंदिर निर्माण में लगे श्रमिकों से भी संवाद कर सकती हैं। केरल की धर्मगुरु माता अमृतानंदमयी और दत्तात्रेय होसबोले भी समारेाह में शामिल रहेंगे। राष्ट्रपति दोपहर तीन बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगी। समारोह का लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु इस दिव्य क्षण से जुड़ सकेंगे।

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पहले दान से यंत्र स्थापना तक: राम मंदिर से राष्ट्रपति का ऐतिहासिक जुड़ाव

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

 आस्था, समर्पण और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से राष्ट्रपति पद का एक विशेष और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। राम मंदिर निर्माण के लिए जब निधि समर्पण अभियान की शुरुआत हुई, तब देश के तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पांच लाख 100 रुपये का पहला चेक देकर इस महाअभियान का शुभारंभ किया था। आज, जब मंदिर पूर्णता की ओर अग्रसर है, वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना कर इतिहास रचने जा रही हैं।

राम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान 15 जनवरी 2021 से 27 फरवरी 2021, कुल 44 दिनों तक देशव्यापी स्तर पर चलाया गया। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट ने स्वैच्छिक योगदान के रूप में 2500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की। यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था और भागीदारी का प्रतीक बन गया। इस अभियान में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। केंद्र सरकार की ओर से प्रतीकात्मक रूप से एक रुपये का दान दिया गया, वहीं शिवसेना ने एक करोड़ रुपये का योगदान किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 लाख रुपये का समर्पण किया।

सबसे अधिक 18 करोड़ रुपये का योगदान प्रसिद्ध कथा वाचक मोरारी बापू की ओर से आया, जिसमें उनके भक्तों का भी सहयोग शामिल था। मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक लाख रुपये का चेक भेंट किया। निधि समर्पण अभियान समाप्त होने के बाद भी दान का क्रम थमा नहीं। पटना के महावीर मंदिर की ओर से पूर्व आईपीएस स्वर्गीय किशोर कुणाल की ओर से 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया। वहीं, प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने पहुंचे उद्योगपति मुकेश अंबानी ने 2.51 करोड़ रुपये का समर्पण किया।

ठेले वालों से लेकर उद्योगपतियों तक का योगदान

मंदिर निर्माण के लिए 10, 100 और 1000 रुपये के कूपन के माध्यम से भी दान एकत्र किया गया। इसमें ठेला चलाने वालों, रिक्शा चालकों और छोटे व्यापारियों ने भी अपनी एक दिन की कमाई समर्पित की। यह अभियान देश के हर राज्य में चलाया गया और करीब 11 करोड़ परिवारों तक पहुंच बनाई गई। विशेष बात यह रही कि 75 से अधिक ऐसे दानदाता सामने आए, जिन्होंने एक करोड़ रुपये या उससे अधिक की राशि का समर्पण किया।
वर्जन

अब यंत्र स्थापना से पूर्णता की ओर एक और कदम
 राम मंदिर जन-जन का मंदिर है। यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आस्था और सहभागिता का प्रतीक है। अब जब मंदिर का निर्माण पूर्णता को प्राप्त कर रहा है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से श्रीराम यंत्र की स्थापना इस पूरे अभियान को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक पूर्णता प्रदान करेगी। पहले दान से लेकर यंत्र स्थापना तक का यह सफर भारत की सामूहिक श्रद्धा, समर्पण और सांस्कृतिक एकता की अद्भुत गाथा बन चुका है। - डॉ़ अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
 

13 जोन और 37 सेक्टर में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था

राष्ट्रपति के आगमन पर जिले की सुरक्षा व्यवस्था को 13 जोन और 37 सेक्टर में बांटी गई है। एसपी/एएसपी स्तर के अधिकारी को जोन व सीओ व निरीक्षकों को सेक्टरों का नोडल बनाया गया है। उच्चाधिकारी जोन और सेक्टरों की निगरानी कर रहे हैं।

राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या दौरा होना है। वह लगभग चार घंटे तक अयोध्या में मौजूद रहेंगी। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट, उनकी फ्लीट के मार्ग, राम मंदिर परिसर, राम मंदिर में परकोटा, सभा स्थल, अतिथियों के आने के मार्ग, रूफटॉप, आंतरिक मार्गों के डायवर्जन की व्यवस्था, हनुमानगढ़ी मंदिर, हेलीपैड रामकथा पार्क व अयोध्या धाम की कानून व मार्ग व्यवस्था को अलग-अलग जोन में बांटा गया है।

तीन हजार सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा
आयोजन को लेकर सभी जोन और सेक्टरों में सुरक्षाकर्मियों का जाल बिछाया गया है। सभी जगहों पर लगभग तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 18 एसपी/एएसपी, 33 सीओ, 130 निरीक्षक, 400 उप निरीक्षक, 50 महिला उपनिरीक्षक, 1800 आरक्षी व महिला आरक्षी, 90 यातायात पुलिस, 550 मुख्य आरक्षी और यातायात आरक्षी शामिल हैं।

 

एनएसजी स्नाइपर व एटीएस कमांडो मुस्तैद

आयोजन के दौरान सुरक्षा घेरा अभेद्य करने के लिए सिविल पुलिस के अलावा छह कंपनी पीएसी लगाई गई है। इसके अलावा एटीएस की दो व एनएसजी स्नाइपर कमांडो भी लगाए गए हैं, जो पलक झपकते ही किसी तरह की परिस्थिति से निपटने को तैयार रहेंगे। इन सभी सुरक्षाकर्मियों को आयोजन से तीन घंटे पहले से आयोजन की समाप्ति तक डटे रहने के निर्देश दिए गए हैं।
 
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