UP: मेहंदी छूटने से पहले उजड़ गया सुहाग, प्रीतिभोज के दिन वाहन की टक्कर से दूल्हे की मौत
हाथों की मेहंदी अभी फीकी भी नहीं पड़ी थी और नई जिंदगी के सपने आंखों में ही थे कि एक सड़क हादसे ने नवविवाहिता का सिंदूर उजाड़ दिया। रविवार तक जिस घर में शहनाई और हंसी की आवाज गूंज रही थी, सोमवार सुबह वहां सिर्फ सिसकियां सुनाई दे रही थीं।
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शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब प्रीतिभोज की रात ही सड़क हादसे में दूल्हे की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर में मेहमानों की चहल-पहल और खुशियों का माहौल था, वहां देर रात चीख-पुकार गूंजने लगी। नवविवाहिता सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्र के ग्राम मैनहवा निवासी सहज राम यादव के बड़े पुत्र प्रमोद कुमार यादव (26) की शादी आठ मई को सिद्धार्थनगर जिले के बरदहा नानकार निवासी कुसुम यादव के साथ हुई थी। शनिवार को बरात सकुशल वापस लौटी थी और रविवार को घर में प्रीतिभोज का कार्यक्रम चल रहा था।
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परिवार और रिश्तेदार खुशी के माहौल में शामिल थे। रविवार रात करीब आठ बजे प्रमोद कुमार यादव किसी काम से मोटरसाइकिल से सेमरी की ओर जा रहे थे। गांव के बाहर पहुंचते ही किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हेलमेट न पहने होने से सिर में गंभीर चोट लगी। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
परिजन तत्काल उन्हें जिला मेमोरियल अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान देर रात प्रमोद की मौत हो गई। मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, प्रीतिभोज की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। घर में मौजूद रिश्तेदार और महिलाएं बिलख पड़ीं। प्रमोद तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार की जिम्मेदारियां संभालते थे। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिली है। अज्ञात वाहन की तलाश कराई जा रही है तथा मामले की छानबीन की जा रही है।
खुशियों से सजा घर मातम में बदल गया
हाथों की मेहंदी अभी फीकी भी नहीं पड़ी थी और नई जिंदगी के सपने आंखों में ही थे कि एक सड़क हादसे ने नवविवाहिता का सिंदूर उजाड़ दिया। आठ मई को शादी के बाद कुसुम यादव की शादी बड़े अरमानों के साथ प्रमोद कुमार यादव के घर शनिवार को विदा होकर आईं थीं। परिवार के लोग नई बहू के स्वागत में जुटे थे। घर में रिश्तेदारों की भीड़, गीत-संगीत और खुशी का माहौल था। रविवार को प्रीतिभोज के दौरान मेहमानों की आवाजाही लगी रही। बताया जाता है कि रात में प्रमोद घर से निकले तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा। कुछ देर बाद हादसे की खबर पहुंची तो पहले किसी को यकीन ही नहीं हुआ। जैसे ही मौत की सूचना गांव पहुंची, खुशियों से सजा घर मातम में बदल गया। नई दुल्हन बेसुध होकर बार-बार यही पूछती रही कि अभी तो शादी हुई थी, अब मैं किसके सहारे रहूंगी। उसकी आंखों में बसे नए जीवन के सपने एक ही झटके में टूट गए। गांव के रमेश ने बताया कि रविवार तक जिस घर में शहनाई और हंसी की आवाज गूंज रही थी, सोमवार सुबह वहां सिर्फ सिसकियां सुनाई दे रही थीं। परिवार के लोग सदमे में हैं और गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हैं।
चाचा की शादी भी है तय, बरात पर संशय
हादसे में मृतक प्रमोद यादव के चाचा की शादी भी होनी है। मंगलवार को हरैया क्षेत्र में बरात की तैयारियां हो रहीं थीं। तय था कि प्रीतिभोज के बाद सभी रिश्ते के चाचा आशीष यादव की शादी में बरात जाएंगे। रविवार रात प्रमोद की मौत ने दूसरी शादी की तैयारियों पर पानी फेर दिया। सोमवार को तेल पूजन संस्कार नाम मात्र का ही नम आंखों से हुआ। इस दौरान हर कोई रोते ही रहा, गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि अजीब स्थिति बन गई है। फिलहाल अब अंतिम संस्कार के बाद मंगलवार को ही तय होगा कि शादी किस तरह से होगी। अभी बरात जाने पर संशय है।