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Lucknow News: कक्षा से अस्पताल तक पहुंचेगी बीपीटी की पढ़ाई
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लखनऊ विश्वविद्यालय
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लखनऊ। किताबों और क्लासरूम में पढ़ी जाने वाली फिजियोथेरेपी अब विद्यार्थियों को अस्पताल के वास्तविक माहौल में भी सीखने का मौका देगी। लखनऊ विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ अस्पताल की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों और क्लीनिकल प्रक्रियाओं को करीब से समझ सकेंगे। इसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस) के बीच शनिवार को समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते का उद्देश्य बीपीटी विद्यार्थियों को क्लीनिकल प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।
ओपीडी से आईसीयू तक मिलेगा अनुभव
समझौते के तहत आरएमएलआईएमएस में विद्यार्थियों को अस्पताल के विभिन्न विभागों में अनुभव प्राप्त होगा। इसमें ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन विभाग और आईसीयू शामिल हैं। इसके अलावा ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा फिजिकल मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन विभाग भी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे।
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यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा संकाय और स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय आयोग (एनसीएएचपी) की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा। इससे विद्यार्थियों को विभिन्न चिकित्सा विभागों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और अपने व्यावहारिक कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा।
प्रशिक्षण के साथ शोध का भी अवसर
आरएमएलआईएमएस के निदेशक प्रोफेसर सीएम सिंह ने कहा कि दोनों संस्थान अंतर-विषयक प्रशिक्षण और अनुसंधान को संयुक्त रूप से बढ़ावा देंगे। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण क्लीनिकल प्रशिक्षण देने का भरोसा दिलाया। इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस साझेदारी से विद्यार्थियों को उत्कृष्ट व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही उन्हें अनुसंधान के अवसर भी मिलेंगे।
समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव भावना मिश्रा, इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी और कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी मौजूद रहे।
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समझौते का उद्देश्य बीपीटी विद्यार्थियों को क्लीनिकल प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।
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ओपीडी से आईसीयू तक मिलेगा अनुभव
समझौते के तहत आरएमएलआईएमएस में विद्यार्थियों को अस्पताल के विभिन्न विभागों में अनुभव प्राप्त होगा। इसमें ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन विभाग और आईसीयू शामिल हैं। इसके अलावा ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा फिजिकल मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन विभाग भी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे।
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यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा संकाय और स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय आयोग (एनसीएएचपी) की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा। इससे विद्यार्थियों को विभिन्न चिकित्सा विभागों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और अपने व्यावहारिक कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा।
प्रशिक्षण के साथ शोध का भी अवसर
आरएमएलआईएमएस के निदेशक प्रोफेसर सीएम सिंह ने कहा कि दोनों संस्थान अंतर-विषयक प्रशिक्षण और अनुसंधान को संयुक्त रूप से बढ़ावा देंगे। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण क्लीनिकल प्रशिक्षण देने का भरोसा दिलाया। इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस साझेदारी से विद्यार्थियों को उत्कृष्ट व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही उन्हें अनुसंधान के अवसर भी मिलेंगे।
समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव भावना मिश्रा, इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी और कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी मौजूद रहे।