सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Chief Minister Yogi addressed the regional agriculture conference.

UP: सीएम योगी बोले- अब धरातल पर उतर रहे कृषि के शोध, किसानों में उत्साह दिखा

अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Fri, 24 Apr 2026 11:58 AM IST
विज्ञापन
सार

क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश के किसानों में उत्साह है। पहली बार कृषि इनोवेशन धरातल पर उतरा था। लैब के शोध को लैंड तक पहुंचाया गया। 

Chief Minister Yogi addressed the regional agriculture conference.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

लखनऊ में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग समस्या और समाधान हैं। पिछले साल खेती की बात खेत में कार्यक्रम चलाया गया। उसका फायदा मिला है। किसानों में उत्साह दिखा। पहली बार कृषि इनोवेशन धरातल पर उतरा था। लैब के शोध को लैंड तक पहुंचाया गया। यह बड़ा काम हुआ है। इसे आगे बढ़ाना होगा। हमारे पास सब है। बस नेतृत्व देना है। यह भारत सरकार की पहल सराहनीय है। 

Trending Videos


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है पहले नीतियां बनती थीं और कागज पर सब हो जाता था। अब ऐसा नहीं है। हमें शासन की योजना के बारे में किसानों को अवगत कराना है। वर्ष 2017 में 69 कृषि विज्ञान केंद्र थे। वे बंदी के कगार पर थे। जवाबदेही नहीं थी। कृषि मंत्री ने बताया कि भारत सरकार नए कृषि विज्ञान केंद्र देना चाहती है लेकिन उस वक्त नहीं लिया गया। हमने लिया। अब हर कृषि विज्ञान केंद्र काम कर रहे हैं। आठ फीसदी कृषि विकास दर 18 प्रतिशत पर पहुंची है। कृषि और उत्पादन में समन्वय हो तो विकास में गति मिलती है। कृषि में हमारा शेयर 20 फीसदी तक है। अब नया प्रयास हो रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि तकनीक निर्णयक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई इंटरनेशनल सेंटर उपलब्ध कराए हैं। ये बेहतरीन परिणाम दे रहे हैं। समय पर बीज मिल गया तो उत्पादन बढ़ सकता है। यूपी में कई स्थानों पर 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हुआ है। उद्यान में आम की फसल प्रभावित हुई है। फिर भी लगत कम करके उत्पादन बढ़ाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा।

उन्होंने बाराबंकी के राम शरण वर्मा का उदाहरण दिया। बोले कि ये 10वीं फेल हैं लेकिन वैज्ञानिक खेती कर रहे हैं। इस किसानों को चिन्हित करना होगा। उनके अनुभव दूसरे किसानों को बताना होगा। कुछ किसान तीन से चार फसल लेते हैं। इसे दूसरे किसानों को बताना होगा।।

मुख्यमंत्री ने कहा है 10 से 12 घंटे बिजली दे रहे हैं। पहले किसान को कुछ बताते नहीं थे। अब जागरूकता आई है। तीसरी फसल ले रहे हैं। ये जागरुकता से संभव हुआ।। इटावा, ओरैया और कानपुर देहात के किसान तीन फसल ले रहे हैं।  मक्का प्रति एकड़ एक लाख कमा रहे हैं। अब किसान को भरोसा है कि उसकी पहल बेकार नहीं जाएगी। गेहूं 425 लाख मीट्रिक टन अकेले कर रहे हैं। आलू 245 लाख मीट्रिक टन हो रहा है। ये रिकॉर्ड है यूपी के नाम।
 
उन्होंने कहा कि यूपी ने सब्जी से लेकर फल में छलांग लगाई है। पोटैटो सेंटर मिला है जो जल्द ही शुरू होने वाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed