यूपी: रक्षामंत्री का राहुल गांधी पर हमला, बोले- नौजवानों की ऊर्जा को अराजकता बढ़ाने में लगा रहे हैं
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा और कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और अपनी नाकामी का दोष चुनाव आयोग पर मढ़ रही है।
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली में पिछले दो दिनों में हुए घटनाक्रम गंभीर सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल नौजवानों की ऊर्जा को अराजकता बढ़ाने में लगा रहे हैं। वो बांग्लादेश की तरह हिंसा करके रिजीम चेंज करने की बात कर रहे हैं। उनका निशाना एसआईआर और ज्ञानेश कुमार नहीं है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त करना इनका एजेंडा है। वो बांग्लादेश की तरह हिंसा फैलाकर रिजीम चेंज करने की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने या भारत के विकास में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी भी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए जबकि कांग्रेस ने जमकर अनियमितताएं की हैं। कांग्रेस के लोग चुनाव आयोग जो कि एक संवैधानिक संस्था है उसे बदनाम करने का काम कर रहे हैं। राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम दीवाली का पटाखा साबित हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लगातार पराजय का कारण वोट चोरी नहीं है बल्कि काम चोरी है। 1984 के बाद कांग्रेस को कभी भी केंद्र में पूर्ण बहुमत नहीं मिला है जबकि भाजपा उस समय दो लोकसभा सीटों की पार्टी थी जिसने 2014 और 2019 में केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर भी ध्यान देना चाहिए। राहुल गांधी को जनमत का सम्मान करते हुए काम करना चाहिए। भारत के भविष्य की जिम्मेदारी सबकी है। हमें टकराव नहीं संवाद का मार्ग चुनना चाहिए। कांग्रेस के शासन काल में तीन बड़े अक्षम्य अपराध हुए। इंदिरा जी की ओर से इमरजेंसी लगाई गई। 1984 में सिख भाईयों का नरसंहार हुआ और 1990 में रामभक्तों का खून बहाने वालों की सरकार को बचाया गया।
राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखते हैं
रक्षामंत्री ने कहा कि इंदिरा जी ने आपातकाल लगाकर देश के लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डालने का काम किया। राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखते हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना रखा था। 1993 में चुनाव आयोग में रातोंरात दो चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए। कांग्रेस के नेहरू गांधी परिवार के करीबी नवीन चावला को देश का मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया।
रक्षामंत्री ने कहा कि 1993 से वोटर आईडी कार्ड होता ही नहीं था। जबसे वोटर कार्ड आया तब से कांग्रेस ने अपने दम पर सरकार नहीं बनाई। यूपी में 1985 के बाद विजय हासिल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मेशा देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया। एक सीट पर एक उम्मीदवार की मृत्यु पर चुनाव स्थगित करने का कोई नियम नहीं है। क्या ये प्रावधान नहीं होता कि किसी उम्मीदवार की मृत्यु के बाद सिर्फ उसी सीट का चुनाव स्थगित करना चाहिए लेकिन राजीव गांधी की मृत्यु के बाद पूरे देश का चुनाव स्थगित किया गया जबकि अमेठी का चुनाव हो चुका था।
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