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Lucknow News: डीएल एजेंसियों की लूट जांचने के लिए परिवहन आयुक्त ने गठित की तीन सदस्यीय समिति
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डीएल एजेंसियों की लूट जांचने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
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अमर उजाला इम्पैक्ट
परिवहन आयुक्त ने सेल का भी किया गठन, शिकायतों की होगी जांच
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली निजी एजेंसियों के भ्रष्टाचार व लूट की जांच करने के लिए परिवहन आयुक्त ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। इसके अतिरिक्त एक सेल भी गठित किया गया है, जो एजेंसियों की शिकायतों को जुटाकर समिति को साैंपेगा। पंद्रह दिन के अंदर समिति जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सिल्वर टच, रोजमार्टा व फोकाम लिमिटेड को परिवहन विभाग की ओर से डीएल बनाने, प्रिंट करने व डाक से डिलीवर करने की जिम्मेदारी साैंपी है। इन एजेंसियों ने प्रदेशभर में 320 प्राइवेटकर्मियों को नियुक्त किया है। इन कर्मियों से एजेंसी प्रतिनिधियों ने नाम पर तीन से चार लाख रुपये एजेंसियों ने वसूले हैं। साथ ही कर्मचारियों से उनकी सैलरी के पैसे भी एडवांस में लिए हैं। इतना ही नहीं कार्यालयों में इस्तेमाल होने के लिए कम्प्यूटर आदि उपकरण भी कर्मियों से खरीदवाए गए। इन मामलों को अमर उजाला लखनऊ संस्करण में लगातार प्रकाशित किया गया। हाल ही में पीड़ित कर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार भी लगाई थी, जिस पर परिवहन आयुक्त ने एजेंसियों पर एफआईआर तक कराने की बात कही थी। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों व सीएम की नाराजगी को देखते हुए परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। समिति के अध्यक्ष राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव सगीर अहमद अंसारी को बनाया गया है। इसके अतिरिक्त अपर सचिव अजय कुमार व आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय को सदस्य बनाया गया है। पंद्रह दिन के अंदर जांच रिपोर्ट साैंपनी होगी।
शिकायतों की जांच के लिए सेल गठित
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने डीएल एजेंसियों की मनमानी की जांच के लिए एक सेल भी गठित किया है। अपर परिवहन आयुक्त, आईटी के अधीन इस सेल को गठित किया गया है। इसमें डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर डीबीए सर्वेश मिश्र व प्रधान सहायक आईटी सेल अभिषेक कुमार मिश्र को जिम्मेदारियां साैंपी गई हैं। उक्त तीनों एजेंसियों की शिकायतों की जांच आईटी सेल करेगा।
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इन मामलों की जांच करेगी समिति
-सिल्वर टच, फोकाम व रोजमार्टा ने कर्मियों से नाैकरी के नाम पर तीन से चार लाख रुपये वसूले, 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई।
-कर्मचारियों से प्रतिमाह उनकी सैलरी के पैसे की उगाही का प्रकरण।
-सैलरी नहीं देने वाले 40 कर्मिचारियों को नाैकरी से निकालने की जांच।
-फोकाम लिमिटेड एजेंसी में मुख्तार अंसारी के गुर्गों द्वारा कर्मचारियों को नाैकरी पर रखने का मामला।
-मनमाने ढंग से एजेंसियों ने सैलरी नहीं देने वाले कर्मचारियों को छह महीने के अंदर ही 800-900 किमी दूर स्थानांतरित कर दिया।
-परिवहन विभाग के अफसरों की एजेंसियों से मिलीभगत।
-एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों से कम्प्यूटर आदि उपकरणों की खरीद करवाना।
एजेंसी के ये प्रतिनिधि हैं जांच के घेरे में
परिवहन विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि डीएल बनाने वाली तीनों एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से उगाही की। ऐसे में फोकाम लिमिटेड के प्रतिनिधि सुभाष गिरि व पूर्व प्रतिनिधि एसएन पांडेय, सिल्वर टच के प्रतिनिधि दुष्यंत सिंह, श्याम मोहन अग्निहोत्री व प्रेमप्रकाश सिंह तथा रोजमार्टा के महेश मल्होत्रा एवं नीरज से समिति सदस्य पूछताछ करेंगे। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
आधिकारिक वर्जन
डीएल एजेंसियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उनकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है, जो पंद्रह दिन के अंदर रिपोर्ट साैंपेगी। साथ ही एक सेल का भी गठन किया गया है, जो डीएल एजेंसियों के खिलाफ मिली शिकायतों को जुटाएगा।
-आशुतोष निरंजन, परिवहन आयुक्त
परिवहन आयुक्त ने सेल का भी किया गठन, शिकायतों की होगी जांच
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली निजी एजेंसियों के भ्रष्टाचार व लूट की जांच करने के लिए परिवहन आयुक्त ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। इसके अतिरिक्त एक सेल भी गठित किया गया है, जो एजेंसियों की शिकायतों को जुटाकर समिति को साैंपेगा। पंद्रह दिन के अंदर समिति जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सिल्वर टच, रोजमार्टा व फोकाम लिमिटेड को परिवहन विभाग की ओर से डीएल बनाने, प्रिंट करने व डाक से डिलीवर करने की जिम्मेदारी साैंपी है। इन एजेंसियों ने प्रदेशभर में 320 प्राइवेटकर्मियों को नियुक्त किया है। इन कर्मियों से एजेंसी प्रतिनिधियों ने नाम पर तीन से चार लाख रुपये एजेंसियों ने वसूले हैं। साथ ही कर्मचारियों से उनकी सैलरी के पैसे भी एडवांस में लिए हैं। इतना ही नहीं कार्यालयों में इस्तेमाल होने के लिए कम्प्यूटर आदि उपकरण भी कर्मियों से खरीदवाए गए। इन मामलों को अमर उजाला लखनऊ संस्करण में लगातार प्रकाशित किया गया। हाल ही में पीड़ित कर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार भी लगाई थी, जिस पर परिवहन आयुक्त ने एजेंसियों पर एफआईआर तक कराने की बात कही थी। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों व सीएम की नाराजगी को देखते हुए परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। समिति के अध्यक्ष राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव सगीर अहमद अंसारी को बनाया गया है। इसके अतिरिक्त अपर सचिव अजय कुमार व आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय को सदस्य बनाया गया है। पंद्रह दिन के अंदर जांच रिपोर्ट साैंपनी होगी।
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शिकायतों की जांच के लिए सेल गठित
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने डीएल एजेंसियों की मनमानी की जांच के लिए एक सेल भी गठित किया है। अपर परिवहन आयुक्त, आईटी के अधीन इस सेल को गठित किया गया है। इसमें डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर डीबीए सर्वेश मिश्र व प्रधान सहायक आईटी सेल अभिषेक कुमार मिश्र को जिम्मेदारियां साैंपी गई हैं। उक्त तीनों एजेंसियों की शिकायतों की जांच आईटी सेल करेगा।
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इन मामलों की जांच करेगी समिति
-सिल्वर टच, फोकाम व रोजमार्टा ने कर्मियों से नाैकरी के नाम पर तीन से चार लाख रुपये वसूले, 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई।
-कर्मचारियों से प्रतिमाह उनकी सैलरी के पैसे की उगाही का प्रकरण।
-सैलरी नहीं देने वाले 40 कर्मिचारियों को नाैकरी से निकालने की जांच।
-फोकाम लिमिटेड एजेंसी में मुख्तार अंसारी के गुर्गों द्वारा कर्मचारियों को नाैकरी पर रखने का मामला।
-मनमाने ढंग से एजेंसियों ने सैलरी नहीं देने वाले कर्मचारियों को छह महीने के अंदर ही 800-900 किमी दूर स्थानांतरित कर दिया।
-परिवहन विभाग के अफसरों की एजेंसियों से मिलीभगत।
-एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों से कम्प्यूटर आदि उपकरणों की खरीद करवाना।
एजेंसी के ये प्रतिनिधि हैं जांच के घेरे में
परिवहन विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि डीएल बनाने वाली तीनों एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से उगाही की। ऐसे में फोकाम लिमिटेड के प्रतिनिधि सुभाष गिरि व पूर्व प्रतिनिधि एसएन पांडेय, सिल्वर टच के प्रतिनिधि दुष्यंत सिंह, श्याम मोहन अग्निहोत्री व प्रेमप्रकाश सिंह तथा रोजमार्टा के महेश मल्होत्रा एवं नीरज से समिति सदस्य पूछताछ करेंगे। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
आधिकारिक वर्जन
डीएल एजेंसियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उनकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है, जो पंद्रह दिन के अंदर रिपोर्ट साैंपेगी। साथ ही एक सेल का भी गठन किया गया है, जो डीएल एजेंसियों के खिलाफ मिली शिकायतों को जुटाएगा।
-आशुतोष निरंजन, परिवहन आयुक्त

डीएल एजेंसियों की लूट जांचने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित