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गले में नहीं, मुंह और नाक पर लगाएं मास्क, आखिर कैसे जानें कौन सा मास्क अच्छा है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 14 Jul 2020 11:33 AM IST
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Doctors speak on how to wear masks.
डॉ. एसके सक्सेना व डॉ. हैदर मेहंदी - फोटो : amar ujala
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राजधानी लखनऊ में बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसी स्थिति में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। बाहर निकलते ही मास्क से मुंह और नाक को ढक कर रखें। उसे गले में लटकाने से कोई फायदा नहीं है।

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डब्ल्यूएचओ की ओर से हवा में संक्रमण की आशंका जताई गई है। राजधानी के चिकित्सा विशेषज्ञ हवा में संक्रमण होने की बात की अभी पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन मास्क लगाने के तरीके पर जोर दे रहे हैं। पेश है विभिन्न संस्थानों के चिकित्सा विशेषज्ञों से बातचीत के प्रमुख अंश:
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गले में मास्क लटकाना यानी बीमारी को दावत
पूर्व एसीएमओ लखनऊ डॉ. एसके सक्सेना का कहना है कि जो लोग गले में मास्क लटकाकर टहल रहे हैं। वे बीमारी को दावत दे रहे हैं। यही हाल रहा तो ऐसे लोग संक्रमण की चपेट में आएंगे। इसलिए जब भी बाहर निकलें मास्क को सही तरीके से लगा लें, ताकि नाक और मुंह पूरी तरह से ढके हों।

दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. हैदर मेहंदी का कहना है कि कोरोना वायरस हवा में है या नहीं यह शोध का विषय है, लेकिन जिस तरह से मरीज बढ़ रहे हैं, उसमें सावधानी बेहद जरूरी है। भीड़ वाली जगह में जाना मजबूरी हो तो मास्क को अच्छी तरह से मुंह पर लगा लें। इस दौरान यह ध्यान रखें कि मुंह और नाक दोनों ढके हों। बात करते समय मास्क को हटाकर गले में ना लटकाएं। इससे दूसरे हिस्से पर वायरस आ सकता है और जब उसे दोबारा आप मुंह पर रखेंगे तो वायरस अंदर जा सकता है।

मास्क पहनकर बुझाएं मोमबत्ती, न बुझे तो मास्क बेहतर

Doctors speak on how to wear masks.
डॉ. राजीव रंजन - फोटो : amar ujala

लोहिया संस्थान के डॉ. राजीव रंजन का कहना है कि जब हम तेज बोलते हैं तो मुंह या सांसों के जरिये कुछ बूंदे निकलती हैं, जो करीब 5 माइक्रोन से भी कम होती हैं। इसे ड्रॉपलेट कहा जाता है। संक्रमित व्यक्ति के सांस छोड़ने या खांसने से यह हवा में जा सकती हैं। ऐसे में मास्क बचने का सबसे बेहतर तरीका है।

हमें मालूम नहीं होता कि कौन संक्रमित है, इसलिए हम मास्क लगाकर हर व्यक्ति को संक्रमित मानते हुए खुद की सुरक्षा कर सकते हैं। यह कोई जरूरी नहीं है कि बहुत महंगा मास्क खरीदें। कपड़े के मास्क से काम चल सकता है। कपड़े का मास्क लगाने के बाद अगर फूंक मारने पर मोमबत्ती नहीं बुझती है तो समझे कि आपका मास्क सुरक्षा करने में कारगर है।

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