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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Fake currency network in UP: Consignments of counterfeit currency were smuggled across the Nepal border

यूपी में नकली नोटों का तंत्र: नेपाल बॉर्डर से भी पार कराई जाली नोटों की खेप, इन पर लगेगा आतंकवाद विरोधी कानून

Mon, 10 Aug 2026 05:44 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 10 Aug 2026 05:44 AM IST
सार

Fake notes in UP: यूपी में नकली नोटों का तंत्र खड़ा करने वालों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून का प्रयोग भी किया जाएगा। 

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Fake currency network in UP: Consignments of counterfeit currency were smuggled across the Nepal border
नकली नोट (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 जाली नोटों की खेप यूपी व अन्य प्रदेशों में खपाने वाले गिरोह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। गिरोह नेपाल बॉर्डर के रास्ते भी भारत में कई बार जाली नोटों की खेप लेकर आया। फिर यूपी होते हुए अलग-अलग राज्यों में खेप की सप्लाई की गई। एटीएस जल्द ही मामले में आरोपियों पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत भी कार्रवाई करेगी।

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एटीएस ने शनिवार को कासगंज के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव निवासी अजीम खान और राजा उर्फ समीरुल को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से एक लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए थे। ये नोट हाई सिक्योरिटी फीचर से लैस थे। इसी से स्पष्ट था कि इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है। मामूली गिरोह या अपराधियों के पास ऐसी तकनीक नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ और अहम साक्ष्य जुटाने व उनकी तस्दीक के बाद आरोपियों पर आतंकवाद विरोधी कानून यानी यूएपीए एक्ट लगाया जाएगा।
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दस से अधिक राज्यों में नेटवर्क
समीरुल का बड़ा भाई गिरोह की अहम कड़ी है। एजेंसी ने उसको आरोपी बनाकर तलाश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, नेपाल के रास्ते करेंसी को लाने में आसानी होती थी। इसलिए गिरोह से जुड़े लोग इस बॉर्डर से भी बड़े पैमाने पर जाली नोटों की खेप ला चुके हैं। यही नहीं, गिरोह में काफी अधिक लोग शामिल हैं। यूपी-दिल्ली समेत करीब दस राज्यों में इसका नेटवर्क है। दो से तीन वर्षों से गिरोह इस काम में लगा था।जांच एजेंसी ने आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले हैं। फोरेंसिक जांच के लिए मोबाइल भेजे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की व्हाट्सएप चैट बेहद अहम है। कहां, कब, कैसे नोटों की सप्लाई होनी है, ये सब उसमें है। आठ से दस नाम भी जांच एजेंसियों को आरोपियों ने बताए हैं, जो गिरोह से जुड़े हैं।
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जल्द रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी
जेल भेजे गए दोनों आरोपियों को एटीएस जल्द रिमांड पर लेगी। चूंकि मामले में यूएपीए एक्ट भी लगेगा, ऐसे में भविष्य में ये केस एनआईए को भी ट्रांसफर हो सकता है, क्योंकि फेक करेंसी के मामलों की जांच एनआईए ही करती है।

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