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Lucknow News: जलकल महाप्रबंधक के बाद अब पंप स्टेशन अधीक्षक पर भ्रष्टाचार के आरोप

Mon, 10 Aug 2026 02:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 02:26 AM IST
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After the Water Works General Manager, corruption allegations now against the Pump Station Superintendent
लखनऊ। जलकल विभाग में महाप्रबंधक के बाद अब पंप स्टेशन अधीक्षक (पीएसएस) राजेश कपूर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। जलकल कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने जलकल महाप्रबंधक और मंडलायुक्त को गोपनीय शिकायत भेजी है। समिति का आरोप है कि राजेश कपूर राजनीतिक संरक्षण में 30 साल से एक ही जगह जमे हैं और करोड़ों रुपये का घोटाला कर रहे हैं।
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शिकायत में कहा गया है कि पीएसएस राजेश कपूर का पॉलीटेक्निक प्रमाणपत्र फर्जी है। उनकी वास्तविक योग्यता डीएलएड है, फिर भी वे निर्धारित वेतनमान ले रहे हैं। आरोप है कि पिछले चार वर्षों में कपूर ने करीब एक करोड़ रुपये की चार फर्जी फाइलें बनाईं। समिति ने कार्यों की भौतिक जांच और मेजरमेंट बुक (एमबी) में दर्ज माप के सत्यापन की मांग की है। पूर्व महाप्रबंधक डीके शर्मा ने कपूर को नलकूपों के ट्रांसफार्मर ऑयल चोरी में दोषी मानकर निलंबित किया था। पूर्व जीएम एसके वर्मा की जांच में भी कपूर बाजार से फर्जी वाउचरों से खरीदारी में दोषी पाए गए थे, लेकिन नेताओं के दबाव में वह रिपोर्ट दबा दी गई।
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समिति का आरोप है कि पांच लाख रुपये से कम की फाइलों की स्वीकृति महाप्रबंधक स्तर पर होती है। ये फाइलें नगर आयुक्त तक नहीं पहुंचतीं, जिससे इसका फायदा उठाया जाता है। इसी का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में पांच लाख से कम की फर्जी फाइलें बनाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है। समिति ने गऊघाट रॉ वाटर पंपिंग स्टेशन के ठेके पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही कनेक्शन, एनओसी, भवन निर्माण में उपभोक्ताओं से वसूली का अधिकारी दिए जाने पर सवाल प्रश्न खड़ा किया है।
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समिति ने पीएसएस राजेश कपूर का जोन-2 से तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की है। सभी कार्यों, एस्टीमेट और एमबी की जांच किसी बाहरी एजेंसी से कराने को कहा गया है। गऊघाट पंपिंग स्टेशन में हुए कार्यों की विशेष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग है।
साजिश के तहत लगाए गए आरोप
सभी आरोप झूठे हैं। ये वे लोग लगा रहे हैं जो उनके अधीन काम करते थे। यह निजी हित में साजिश के तहत लगाए गए हैं। आरोपों में क्या सच्चाई है यह जांच में खुद सामने आ जाएगा। -राजेश कपूर, पीएसएस, जलकल विभाग

जांच में सब सामने आ जाएगा
जो भी आरोप लगाए गए हैं वह सही हैं। जांच होगी तो सब सामने आ जाएगा। पीएसएस पिछले 30 वर्षों से एक ही जगह हैं। शासन की पटल परिर्वतन नीति तक का पालन नहीं हो रहा। -नेबू लाल, संयोजक, जलकल कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति
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