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Lucknow News: वैदिक घड़ी... समय बताएगी, पंचांग पढ़ाएगी
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वैदिक घड़ी। एआई फोटो
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लखनऊ। अब तक घड़ी की सुइयां घंटे और मिनट का हिसाब बताती रही हैं, लेकिन पक्का पुल के पास स्थित प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर में समय की गणना का अंदाज कुछ अलग होगा। यहां नवरात्रि के पहले दिन वैदिक घड़ी स्थापित की जाएगी, जिसमें समय घंटे-मिनट और सेकेंड के बजाय मुहूर्त, कला और काष्ठ में नजर आएगा। वैदिक घड़ी में अंग्रेजी कैलेंडर के साथ विक्रम संवत, सूर्य राशि, चंद्र राशि, नक्षत्र, होरा, चौघड़िया, व्रत और त्योहार समेत अन्य जानकारियां मिल सकेंगी।
मंदिर के महंत व मुख्य सेवादास डॉ. विवेक तांगड़ी ने बताया कि घड़ी की स्थापना की तिथि रविवार को तय की गई है। यह घड़ी पूरी तरह वैदिक काल गणना पर आधारित होगी। इसमें सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय को 30 मुहूर्त में बांटा गया है। घड़ी के शून्य पर स्थानीय सूर्योदय का समय शुरू होगा, जबकि 15वें मुहूर्त पर सूर्यास्त की गणना की जा सकेगी।
वैदिक गणना के मुताबिक एक दिन में 30 मुहूर्त, एक मुहूर्त में 30 कला और एक कला में 30 काष्ठ होते हैं। वर्तमान समय गणना के अनुसार एक मुहूर्त करीब 48 मिनट, एक कला 96 सेकंड और एक काष्ठ करीब 3.2 सेकंड का होता है।
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रविवार को डॉ. तांगड़ी और मंदिर के सचिव डॉ. पंकज सिंह भदौरिया ने घड़ी निर्माता कंपनी के निदेशक आरोह श्रीवास्तव को घड़ी के मूल्य की दूसरी किश्त दी। मंदिर परिसर में घड़ी स्थापित करने के स्थान का निर्धारण भी किया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ऋद्धि किशोर गौड़ समेत अन्य ट्रस्टी मौजूद रहे।
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मंदिर के महंत व मुख्य सेवादास डॉ. विवेक तांगड़ी ने बताया कि घड़ी की स्थापना की तिथि रविवार को तय की गई है। यह घड़ी पूरी तरह वैदिक काल गणना पर आधारित होगी। इसमें सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय को 30 मुहूर्त में बांटा गया है। घड़ी के शून्य पर स्थानीय सूर्योदय का समय शुरू होगा, जबकि 15वें मुहूर्त पर सूर्यास्त की गणना की जा सकेगी।
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वैदिक गणना के मुताबिक एक दिन में 30 मुहूर्त, एक मुहूर्त में 30 कला और एक कला में 30 काष्ठ होते हैं। वर्तमान समय गणना के अनुसार एक मुहूर्त करीब 48 मिनट, एक कला 96 सेकंड और एक काष्ठ करीब 3.2 सेकंड का होता है।
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रविवार को डॉ. तांगड़ी और मंदिर के सचिव डॉ. पंकज सिंह भदौरिया ने घड़ी निर्माता कंपनी के निदेशक आरोह श्रीवास्तव को घड़ी के मूल्य की दूसरी किश्त दी। मंदिर परिसर में घड़ी स्थापित करने के स्थान का निर्धारण भी किया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ऋद्धि किशोर गौड़ समेत अन्य ट्रस्टी मौजूद रहे।