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अग्निकांड: बिखर गईं खुशियां, अधूरे रह गए बच्चों की शादी के सपने, नम आंखों से एक-दूसरे को सहारा देते रहे परिजन

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Wed, 24 Jun 2026 11:52 AM IST
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सार

लखनऊ अग्निकांड में मारे गए ज्यादातर के घरवाले बच्चों की शादी की तैयारी कर रहे थे। कुछ के रिश्ते तय भी हो गए थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिजन बिलख रहे थे। 

Fire Tragedy: Happiness shattered, dreams of children's weddings left unfulfilled
लखनऊ अग्निकांड में मृतक सूरज, सौमिल्य बेरा और अनामिका। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

अलीगंज में हुए अग्निकांड में मारे गए 15 लोगों में से किसी की भी शादी नहीं हुई थी। ज्यादातर के घरवाले बच्चों की शादी की तैयारी कर रहे थे। कुछ के रिश्ते तय भी हो गए थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिजन बिलख रहे थे। हर कोई अपने बच्चों को याद कर गमगीन था। सोमवार रात से शुरू हुआ शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार तड़के तक जारी रहा। इस दौरान कुछ देर के लिए सन्नाटा पसरता तो अचानक से निकलती चीख माहौल को फिर से मातम में बदल दे रही थी।



कानपुर के बर्रा निवासी सूरज (28) सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह सेंटर पर थ्रीडी एनीमेशन आर्टिस्ट थे। परिवार में छोटा भाई सम्राट, बहन सौम्या और मां मीरा हैं। मामा जितेंद्र ने बताया कि पांच वर्ष पहले सूरज लखनऊ आया और अलीगंज में रहकर काम करता था। इसी वर्ष उसकी शादी होनी थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सूरज घर का इकलौता कमाने वाला था। तीन वर्ष पहले उसके पिता शिवराम सिंह की पेट्रोल पंप पर लगी आग की चपेट में आने से जान चली गई थी। वह पंप पर मैनेजर थे।
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कोलकाता के साउथ 24 परगना निवासी सौमिल्य बेरा (28) भी अविवाहित थे। परिवार में पिता तपनकांति बेरा, मां इंदिरा बेरा और बड़ा भाई सौम्यदीप बेरा हैं। पिता घर पर रहते हैं, जबकि मां किड्स स्कूल की संचालिका हैं। सौम्यदीप आर्मी में हैं और उनकी तैनाती लद्दाख में है। परिजनों ने बताया कि दिन में आग लगने की सूचना मिली तो बेटे से संपर्क करने का प्रयास किया, पर बात नहीं हो सकी। रात में पुलिस ने सूचना दी, जिससे बाद परिजन लखनऊ पहुंचे।

हादसे में सौमिल्य की रिश्ते में बहन अनामिका (30) की भी जान चली गई। इसकी खबर पाकर पिता विश्वनाथ और मां सुलेखा बेसुध हो गए। अनामिका का छोटा भाई आकाश है। परिजनों ने बताया कि अनामिका पांच वर्ष से लखनऊ में रहकर नौकरी कर रही थी। उसकी शादी की तैयारी चल रही थी। एक झटके में सारी खुशियां बिखर गईं। घरवालों ने बताया कि अनामिका की शादी के बाद वे सौमिल्य के लिए रिश्ता तय करने वाले थे।

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