Gold-Silver Price: बिटिया के लिए पत्नी-मां के गहने गलाने को मजबूर लोग, बेतहाशा महंगाई ने तोड़े पिताओं के अरमान
सोना-चांदी की बेतहाशा महंगाई ने पिताओं के अरमान तोड़ दिए हैं। वह बिटिया के लिए पत्नी-मां के गहने गलाने को मजबूर हैं। भाव सातवें आसमान पर हैं। वहीं सराफा कारोबार जमीन पर है।
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सोने-चांदी में रिकॉर्डतोड़ तेजी ने शादी वाले घरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेटियों के हाथ पीले करने का सपना संजोए पिताओं को गहरा झटका लगा है। हालात ऐसे हैं कि दाम घटने की आस में हर दिन गुजर जाता है, लेकिन अगले ही दिन कीमतें और ऊपर पहुंच जाती हैं। नतीजतन कई परिवारों में लोग पत्नी और मां के पुराने गहने गलाकर बेटियों के लिए नए जेवर बनवाने के लिए मजबूर हो गए हैं।
भाव सातवें आसमान पर पहुंचने से सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा है। कारोबार लगभग ठप हो गया है। बताया जा रहा है कि एक ही रात में सोना करीब 16 हजार रुपये और चांदी 32 हजार रुपये से अधिक महंगी हो गई। ऊंचे दामों के कारण आम ग्राहक बाजार से दूर हैं। सिर्फ 20–30 फीसदी बुलियन कारोबारी ही निवेश के भरोसे टिके हैं, जबकि छोटे दुकानदारों के यहां बोहनी तक नहीं हो पा रही।
पत्नी और मां के गहने गलाने को मजबूर
चिनहट के रहने वाले संतोष गुप्ता ने बताया कि हमारे लिए तो दोहरी मार है। घर में सराफा व्यापार भी है और बिटिया की शादी भी। ग्राहक नहीं आ रहे, कमाई बंद है। ऐसे में पत्नी और मां के पुराने गहने गलाकर बेटी के लिए नए गहने बनवाने पड़ रहे हैं। दुकान सुबह खुलती है, शाम बंद हो जाती है। सरकार को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए।
मध्य वर्ग की पहुंच से दूर हुआ सोना-चांदी
सर्वोदय नगर के आलोक जैन ने कहा कि बिटिया की शादी है लेकिन समझ नहीं आ रहा कि क्या और कब खरीदें। छोटी सी पायल भी आठ हजार की हो गई है। दो लाख का गहना चार लाख में पहुंच गया। बजट में सिर्फ जेवर ही समा रहे हैं, बाकी खर्च कैसे पूरे होंगे, यही चिंता है।
मई में खरीदे गहने बने राहत
अनिल राज गुप्ता ने बताया कि इतनी महंगाई है कि 10 ग्राम की जगह अब 4 ग्राम में ही संतोष करना पड़ रहा है। परंपरा निभानी मजबूरी है। मई में कुछ गहने खरीद लिए थे तो आज के दाम देखकर राहत महसूस होती है। मौजूदा हालात में मध्यम वर्ग के लिए सोना खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है।इस तरह बढ़े सोने-चांदी के दाम... (भाव रुपये में)
| तारीख | सोना | चांदी |
| 24 जनवरी | 1,64,500 | 3,50,000 |
| 26 जनवरी | 1,69,500 | 3,70,000 |
| 27 जनवरी | 1,65,500 | 3,60,000 |
| 28 जनवरी | 1,72,000 | 3,78,000 |
| 29 जनवरी | 1,88,000 | 4,10,000 |
