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UP: डिजिटल अरेस्ट से गंवाए थे 87 लाख रुपये, वापस मिले चार लाख, तीन करोड़ के ट्रांजेक्शन के नाम पर किया खेल
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 20 Apr 2026 07:07 PM IST
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सार
साइबर ठगों ने बीते साल एक व्यक्ति को 20 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर उसके 87 लाख रुपये उड़ा दिए थे। ठगों तीन करोड़ के ट्रांजेक्शन की कहानी के साथ पूरा जाल बुना था।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
साइबर जालसाजों ने एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करके 87 लाख रुपये पार कर दिए थे। इस मामले में पुलिस ने 4.27 लाख रुपये वापस कराए हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में भी 1,39,421 रुपये वापस कराए गए हैं।
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शहर के आवास विकास कॉलोनी, अंगूरीबाग निवासी गिरिजेश चंद्र पांडेय ने छह नवंबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से 18 अगस्त के बीच उन्हें डिजिटल अरेस्ट करके 86.81 लाख रुपये स्थानांतरित करवा लिए गए। साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच कर रही थी, जिसमें 4,27,199 रुपये पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराए गए हैं। वहीं, एक अन्य मामले में ठगों ने शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक पैसे का लालच देकर एक व्यक्ति से 1,39,421 रुपये की ठगी थी। इस मामले में संपूर्ण धनराशि वापस कराई गई है।
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तीन करोड़ ट्रांजेक्शन का हवाला देकर किया था डिजिटल अरेस्ट
गिरिजेश के अनुसार, एक व्यक्ति ने कॉल करके अपना नाम शिव प्रसाद बताया और स्वयं के पुलिस में होने की जानकारी दी। एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं के अजय पाटिल व बंगलुरु में पुलिस विभाग में सीओ होने का दावा किया। तीसरे व्यक्ति ने अपना नाम दया बताकर स्वयं के आईपीएस होने की बात कही। उन लोगों ने बताया कि उनके आधार कार्ड से खोले गए खाते में तीन करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। इसलिए उनके ऊपर एनएसए लगा है, जिसमें 31 जुलाई, 2025 को उनकी गिरफ्तारी होनी है।
मामले की प्राथमिकता पर जांच करवाने के लिए आज्ञा लेनी पड़ेगी। कहा कि उनका पैसा बैंक में जमा है, जिसकी आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) से जांच करवानी पड़ेगी। उन लोगों ने उन्हें वीडियो कॉल करके स्वयं को वर्दी पहने हुए दिखाकर डराया। घबराकर उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से धनराशि स्थानांतरित कर दी। आरोपियों ने कहा कि सत्यापन होने के बाद धनराशि उनके बैंक खाते में वापस आ जाएगी। थाना प्रभारी मो. अरशद ने बताया कि शेष रकम की वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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