UP: मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, आदेश नहीं माना तो अवमानना की होगी कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य की अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा कि रिट कोर्ट के आदेश का पालन न होने पर संबंधित अफसर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जालौन राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध (अटैच) करने के मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर आदेश दिया कि रिट कोर्ट के आदेश का पालन न होने पर संबंधित अफसर के खिलाफ अवमानना कानून के तहत आरोप निर्धारण समेत दंडित करने की कार्यवाही करेगा।
न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने यह आदेश डा अरविंद त्रिवेदी की अवमानना याचिका पर दिया। याची ने रिट कोर्ट के इसी 4 जून के आदेश का पालन न करने का दावा किया है। उधर, सरकारी वकील ने मामले में अनुपालन/ पक्ष पेश करने का हलफनामा दाखिल करने को 10 दिन का समय दिए जाने का आग्रह किया। जिसपर कोर्ट ने उक्त आदेश देकर अवमानना मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को तय की है।
यह है मामला
दरअसल, 4 जून को रिट कोर्ट ने जालौन के राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज के प्रधााचार्य डाक्टर अरविंद त्रिवेदी को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध(अटैच) करने के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। साथ ही राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। रिट कोर्ट ने यह आदेश डा अरविंद त्रिवेदी की अन्य याचिका पर दिया था।
इसमें याची ने बीती 26 मई के संबद्धता आदेश को चुनौती दी थी। याची का कहना था कि वह जालौन के राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में बतौर प्रधानाचार्य कार्यरत था। इसे निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया। याची ने इसे सेवा नियमों और कानून की मंशा के खिलाफ कहा था। उधर, सरकारी वकील ने कहा था कि स्टाफ की कमी व काम के दबाव की वजह से याचिकाकर्ता को निदेशालय से संबद्ध किया गया।