इंसानियत शर्मसार: यूपी में मृत पड़े पिता के शरीर से बेटे ने लगवाया अंगूठा; जमीन की लालच में खोला कफन
मृत पिता से जुड़े मामले में सादे कागज पर अंगूठा लिए जाने की घटना पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। लोगों ने बेटियों की सराहना करते हुए कहा कि वे बुजुर्ग माता-पिता का अधिक प्रेम और जिम्मेदारी से ध्यान रखती हैं। घटना ने परिवार में सम्मान, रिश्तों और बुजुर्गों की देखभाल को लेकर चर्चा बढ़ा दी।
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लखनऊ में रहीमाबाद के खड़ौहा गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। पिता की मौत के बाद जहां घर में मातम पसरा था, वहीं उनका एकलौता बेटा जमीन के लालच में मृत शरीर के अंगूठे का निशान सादे कागज पर लगवाता रहा। इस दौरान वह अपने चचेरे भाई की मदद लेता रहा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने चोरी से इसका वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने के बाद मामले की चर्चा क्षेत्र में है।
जानकारी के मुताबिक, खड़ौहा गांव के रहने वाले महेंद्र ने अपनी पत्नी लक्ष्मी के साथ मिलकर अपने बुजुर्ग पिता छत्रपाल और मां शिवदेवी से प्रतिदिन अभद्र व्यवहार किया करते थे। साथ ही उक्त दोनों लोगों ने मिलकर सन 2023 में उनको अपने ही पैतृक घर से निकाल दिया था। जिस कारण छत्रपाल अपनी पत्नी के साथ इधर उधर अपने रिश्तेदारों के पास रहे।
2024 में दोनों बुजुर्ग अपनी विवाहित बड़ी बेटी बुद्धेश्वर लखनऊ निवासी सुमन के घर चले गए थे। साथ ही दो अन्य विवाहित बेटियों के घर पर भी रुकते करते थे। बेटियों की सेवा खुश होकर उन्हानें अपने लगभग साढ़े छः बीघा जमीन में से एक–एक बीघा तीनों बेटियों को जमीन दे दी थी और बेटे महेंद्र और बहू से नाराज होकर दैनिक समाचार के माध्यम से सार्वजनिक सूचना के जरिए उक्त बेटे और बहू बेदखल भी कर दिया था।
झगड़ा कर पिता घर लाया था, तीन दिन बाद हो गई मौत
बेटी सुमन ने बताया कि पिता क्षत्रपाल (75) की बीते 7 जुलाई को तबीयत बिगड़ी थी। तो भाई महेंद्र को भी सूचना मिली थी। भाई और भाभी अपने परिजनों के साथ लखनऊ पहुंचकर उससे झगड़ा कर पिता को लेकर इलाज कराने की बात कहकर लेकर चले गए थे। उसके तीसरे दिन 9 जुलाई को पिता की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में पहुंची बहनों से भी गाली गलौज की थी। सुमन के पति रमेश ने बताया कि इस कृत्य से वहां मौजूद सभी लोग दंग थे।
ग्रामीण बोले- ऐसे बेटों से बेहतर हैं बेटियां
ग्रामीणों ने मृत पिता के सादे कागज पर अंगूठे लेने पर निंदा जाहिर करते हुए कहा कि जिसने जिंदगी में अपने मां और बाप का सम्मान नहीं किया तो वह मरे हुए पिता का क्या सम्मान करेगा। ग्रामीणों सहित आसपास के गांव में लोगों ने बेटियों की प्रशंसा करते हुए कहा ऐसा दृश्य देखकर भगवान बेटियां ही दें, जिससे बुढ़ापे पर मोहब्ब्त के साथ ख्याल तो रखेंगी।