फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Demand for a Hindu nation in Nepal: Hopes rise following meetings and outreach campaigns in Dang

नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग : दांग में बैठकों और संपर्क अभियान से बढ़ीं उम्मीदें, राजनीतिक कवायद बढ़ी

Thu, 13 Aug 2026 02:27 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya संजय तिवारी, अमर उजाला, बलरामपुर
संजय तिवारी, अमर उजाला, बलरामपुर Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Thu, 13 Aug 2026 02:27 PM IST
सार

नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग ऐसे समय तेज हुई है, जब जुलाई के अंतिम सप्ताह में सुनसरी जिले में हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसके बाद कई इलाकों में कर्फ्यू और प्रतिबंध लगाए गए। 

विज्ञापन
Demand for a Hindu nation in Nepal: Hopes rise following meetings and outreach campaigns in Dang
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह - फोटो : amar ujala

विस्तार

नेपाल को फिर हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग अब काठमांडो की राजनीति से निकलकर सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच गई है। बलरामपुर से लगे नेपाल के घोड़ाही, दांग और आगे लमही तक इस मुद्दे पर राजनीतिक कवायद बढ़ी है। दांग में हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर बैठकें और संपर्क अभियान चल रहे हैं। इससे उम्मीदें बढ़ी हैं। सीमावर्ती लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि नेपाल की सांविधानिक पहचान बदली तो उसका स्वरूप कैसा होगा और मुस्लिम, बौद्ध व अन्य समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा किस तरह होगी।

विज्ञापन


सीमावर्ती क्षेत्रों में हिंदू राष्ट्र के समर्थन में लोग आगे आ रहे हैं। नेपाल में मुस्लिम समुदाय की पुरानी सामाजिक मौजूदगी है और तराई क्षेत्र के कई जिलों में मुस्लिम आबादी रहती है। दांग जिले के विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष डॉ. भोलानाथ योगी हिंदू राष्ट्र मुहिम में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनने के बाद भी मुस्लिम या किसी अन्य धर्म के लोगों को निकाला नहीं जाएगा, बल्कि उनका संरक्षण किया जाएगा। उनके मुताबिक सभी लोग नेपाल की पुरानी पहचान बहाल करने के लिए आगे आ रहे हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - महाकुंभ में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगी 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, आदेश जारी
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - मायावती ने पूर्व मंत्री अंटू मिश्रा को बसपा से निकाला, पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप


नेपाल की स्थिति पर शोध करने वाले एके मिश्र के अनुसार, 2021 की जनगणना में देश में करीब 5.09 प्रतिशत आबादी मुस्लिम और 81 प्रतिशत से अधिक हिंदू थी। मौजूदा संविधान प्रत्येक व्यक्ति को उसकी आस्था के अनुसार धर्म अपनाने, उसका अभ्यास करने और संरक्षण की स्वतंत्रता देता है। उनका कहना है कि हिंदू राष्ट्र की मांग जायज है और इससे किसी को नुकसान नहीं होगा। पीर रतन नाथ शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष सुनील कनौजिया ने कहा कि नेपाल और भारतीय युवा भी इसके समर्थन में हैं। यह नेपाल का हक है, जो मिलना चाहिए।

हाल की घटनाओं से बढ़ी संवेदनशीलता
नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग ऐसे समय तेज हुई है, जब जुलाई के अंतिम सप्ताह में सुनसरी जिले में हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसके बाद कई इलाकों में कर्फ्यू और प्रतिबंध लगाए गए। कम से कम तीन लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर सामने आई। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। सरकार ने जांच के लिए समिति गठित की और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व समन्वय बढ़ाने की बात कही। गृह मंत्रालय ने बांके, कपिलवस्तु, धनुषा, सिरहा, सप्तरी समेत अन्य संवेदनशील जिलों की निगरानी भी बढ़ाई है।

लखनऊ में सीमा प्रबंधन पर बैठक
इस बीच, भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के अधिकारी संपर्क में हैं। 14 अगस्त तक लखनऊ में नेपाल-भारत सर्वे अधिकारियों की समिति की बैठक तय है। इसमें सीमा स्तंभों के निर्माण और मरम्मत से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी है। सीमा पर जरवा में सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसएसबी नजर रख रही है। बलरामपुर के पुलिस कप्तान विकास कुमार ने बताया कि पुलिस को भी सीमा पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed